कहानी "बददुआ" में नरेश नामक एक बुजुर्ग का जीवन दर्शाया गया है, जो अपने छोटे बेटे राजन और बहू की देखभाल में सुखी था। उसका बड़ा बेटा शांतनु विदेश चला गया था। राजन की अचानक मौत ने नरेश को बुरी तरह तोड़ दिया, जिससे उसे ब्रेन हेमरेज हुआ। शांतनु जब इस दुखद समाचार को सुनता है, तो वह तुरंत विदेश से अस्पताल जाता है, जहां नरेश आईसीयू में है। डॉक्टर नरेश को घर लाने की सलाह देते हैं, लेकिन नरेश की हालत बहुत गंभीर है। शांतनु कुछ समय नरेश के साथ बिताता है, लेकिन उसे चिंता है कि उसके पिता ठीक नहीं हो पाएंगे। कहानी में पारिवारिक संबंधों, दुख और जिम्मेदारी का गहरा चित्रण है। बददुआ Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 94.7k 4.2k Downloads 22.9k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रितेश को इस बात का पता चला तो उसे बड़ा दुख हुआ और उसके उस दुखी मन से उन सब के लिए जो बददुआ निकली उससे वे सब जो भी इस षडयंत्र में शामिल थे एक एक करके बड़ी ही कष्टदायी मौत मरने लगे। More Likes This मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी