महेश के घर में आज उसकी बेटी सान्या का जन्मदिन मनाने की खुशी थी। घर को खूबसूरती से सजाया गया था और महेश हर वर्ष सान्या के जन्मदिन को धूमधाम से मनाता था। वह गरीबों को भोजन कराता, जरूरतमंदों को कपड़े देता और प्रेमी जोड़ों की शादी कराता था। महेश को अपनी बेटी सान्या के बचपन की यादें आ रही थीं, जब वह उसके कंधे पर बैठकर आम तोड़ती थी। एक बार जब सान्या ने एक आम तोड़ा, तो वह कंधे से फिसल गई, लेकिन महेश ने उसे गिरने से बचा लिया। आज उसकी बेटी सान्या की बेटी ने केक काटने के लिए चाकू उठाया और नाना-नानी की मौजूदगी में केक काटा गया। इस दौरान महेश को अपनी बेटी सान्या के बचपन की यादें ताजा हो गईं। सान्या का जन्मदिन हमेशा खास होता था, खासकर जब उसने अपनी पढ़ाई पूरी की थी और महेश को उसकी शादी की चिंता थी। बेटी का जन्मदिन Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 35.4k 1.8k Downloads 10k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गर्मी की भरी दोपहर, सब सुनसान, सान्या का पति और सास-ससुर वातानुकूलित चला कर अपने अपने कमरे में गहरी नींद सो रहे थे कि तभी उनके घर में जोरदार धमाका हुआ, पूरे घर में भयंकर आग लग गयी और उन तीनों के परखच्चे उड़ गए। More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी