यह कहानी अदिति की है, जो अपनी स्वतंत्रता और मस्ती से भरी ज़िंदगी जीती है। अदिति, जो किसी से लगाव नहीं रखती और दुनिया की परवाह नहीं करती, एक दिन एक अप्रत्याशित घटना के बाद गहरी सोच में डूब जाती है। एक नए शहर में अपने पैरों पर खड़े होने का सपना लिए, वह कई समस्याओं का सामना कर रही होती है। एक दिन ऑफिस से निकलने के बाद, वह बस का रुख करती है, लेकिन उसे शटल ऑटो लेना पड़ता है। ऑटो में बैठते ही ड्राइवर उससे सवाल पूछता है, जैसे उसकी नौकरी और शादी के बारे में। अदिति इन सवालों को अजीब मानती है और साफ-साफ जवाब देती है। कहानी अदिति के विचारों और समाज के प्रति उसकी सोच पर केंद्रित है, जो उसे अपने सपनों को पूरा करने के रास्ते में चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करती है। शायद, मैं डरती हूँ Aprajeeta Singh द्वारा हिंदी लघुकथा 20.4k 2.4k Downloads 10.1k Views Writen by Aprajeeta Singh Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण The story reveals the incidence that a girl came across, how she tried to save herself and what goes inside her mind that restricts her about the other steps that she wants to take and doesn t take. To know her reasons, read the story. More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी