**सालिगराम की चिट्ठी** एक हास्यपूर्ण कहानी है जिसमें सालिगराम प्रधान मंत्री को एक चिट्ठी लिखता है। कहानी की शुरुआत सालिगराम की चिट्ठी लिखने से होती है, जिसमें वह अपनी दुविधा और मजबूरी का जिक्र करता है। जब वह लिख रहा होता है, तो एक कौआ उसके ध्यान को भंग कर देता है, जिससे वह गुस्से में आकर कौए को पत्थर फेंकता है। फिर वह चिट्ठी में प्रधान मंत्री को संबोधित करते हुए उनके शीर्षक को लेकर मजाक करता है और उन्हें राजा की उपाधि देने की बात कहता है। कहानी में सालिगराम अपनी बचपन की यादों में खो जाता है, जब उसकी सहपाठी मुखमंतरी थी। वह उन दिनों की बातें करता है जब वे स्कूल में साथ पढ़ते थे। अंत में, सालिगराम अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए लिखता है कि वह मुखमंतरी को दिल से चाहता है, लेकिन वह उसे नहीं मानती। कहानी में सालिगराम की भावनाएं, यादें और वर्तमान की स्थिति का एक दिलचस्प मिश्रण है। सालिगराम की चिट्ठी Sudarshan Vashishth द्वारा हिंदी लघुकथा 14.2k 2.8k Downloads 10.4k Views Writen by Sudarshan Vashishth Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Saligram Ki Chitthi More Likes This जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी