कहानी "मुंह में चुटकीभर शक़्कर" में पराजित नेताओं की मानसिकता और हार के बाद की उनकी प्रतिक्रिया को दर्शाया गया है। हारने के बाद नेता बेताब और पागल हो जाते हैं, आरोप-प्रत्यारोप में जुट जाते हैं, और अपनी हार का ठीकरा सरकार पर फोड़ने की कोशिश करते हैं। वे चुनावी धांधली और आचार संहिता के उल्लंघन की बातें करते हैं। कहानी में यह भी दिखाया गया है कि विपक्ष के लिए सत्ता में रहना मुश्किल होता है, और वे केवल नारे लगाकर अपनी उपस्थिति बनाए रखने की कोशिश करते हैं। एक सज्जन विपक्षी नेता से पूछते हैं कि सरकार को बने चार दिन ही हुए हैं और वे उसे निकम्मा कैसे साबित कर सकते हैं। विपक्षी नेता बताते हैं कि वे फिर से चुनाव कराने की इच्छा रखते हैं और जनता के बीच सरकार की आलोचना करेंगे। कहानी का अंत एक हंसी-मजाक के साथ होता है, जहां सज्जन नेता का हौसला बढ़ाते हैं, लेकिन विपक्षी नेता अपनी कठिनाइयों का जिक्र करते हैं और संघर्ष का सामना करने की बात करते हैं। सज्जन उन्हें धैर्य रखने की सलाह देते हैं, यह कहते हुए कि समय बीत जाएगा। मुंह में चुटकीभर शक़्कर Girish Pankaj द्वारा हिंदी लघुकथा 1.5k 1.5k Downloads 4.9k Views Writen by Girish Pankaj Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Munh me Chutkibhar Shakkar More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी