इस व्यंग्य में सुदर्शन वशिष्ठ ने खांसी और 'खंघारा' के महत्व पर प्रकाश डाला है। आजकल लोग खांसी को छुपाने की कोशिश करते हैं, जबकि पुराने समय में खांसी एक सामान्य बात थी और इसे गर्व से किया जाता था। खंघारा मारने का मतलब होता था कि कोई व्यक्ति आ रहा है, जिससे घर में महिलाएं अपनी सजगता दिखाती थीं। पहले लोग तम्बाकू का सेवन करते थे, जिससे खांसी होना आम बात थी। लेख में बताया गया है कि अब लोग चुपचाप आते हैं, जिससे तैयार होने का समय नहीं मिलता। खांसी बताती है कि आप वहाँ हैं, और इससे छिपना मुश्किल होता है। खांसी कभी समझदारी का प्रतीक होती है, कभी बेवकूफी का। अंत में, एक लोकगायिका के गीत के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि खंघारा मारने से किसी की उपस्थिति का पता चल जाता है। Khandhara Sudarshan Vashishth द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 1.5k 2.8k Downloads 6.8k Views Writen by Sudarshan Vashishth Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Khandhara - Sudarshan Vashishth More Likes This वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes Mr. Ms. Fake - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha फ़ेक फ़िऑन्से चैलेंज - 1 द्वारा priyanka katiyar Rebirth of a Bench - Index द्वारा Amardeep Kumar God Wishar - 3 द्वारा Ram Make Hero - 5 द्वारा Ram Make अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी