तनु अपनी माँ नीमा के सामने पुरानी फोटो-एलबम के बीच उदास बैठी है, जिससे नीमा चिंतित हो जाती है। नीमा सोचती है कि कहीं तनु को कोई कष्टदायक मामला तो नहीं मिला। हाल ही में वकील बनी तनु किसी भी असहज केस से परेशान हो जाती है। जब नीमा पूछती है कि वह क्या ढूंढ रही है, तो तनु बताती है कि वह सिर्फ एक फोटो ढूंढ रही है, लेकिन वह अपना दूसरा हाथ छुपा लेती है। नीमा की नजर जब उस फोटो पर जाती है, तो वह भौचक्की रह जाती है। फोटो में छोटी तनु अपने पुराने नौकर और मामा के साथ है, लेकिन फोटो फटी होने के कारण वे स्पष्ट नहीं दिखते। नीमा यह जानकर चौंक जाती है कि वह फोटो तनु के पास कैसे आई। सुधार द रिफॉर्मेंशन - National Story Competition-Jan’ VIRENDER VEER MEHTA द्वारा हिंदी जीवनी 8.7k 3k Downloads 9.5k Views Writen by VIRENDER VEER MEHTA Category जीवनी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रिश्तों और भावनाओं की बुनियाद पर अपराधी को छोड़ देने के बाद बेटी के सामने सच आने पर बेटी द्वारा सच के उजाले में एक नया अहसास दिलाती और सोचने को विवश करती कथा..... More Likes This पहला फ़ोन द्वारा Kajal Soam खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भाग 3 द्वारा Hind Gaurav खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - 1.. बाप्पा रावल : मेवाड़ के संस्थापक राजा द्वारा Hind Gaurav सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म - 1 द्वारा Rishav raj मैं दादा-दादी की लाड़ली - 1 द्वारा sapna यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (2) द्वारा Ramesh Desai नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई - 1 द्वारा Dr. Suryapal Singh अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी