"चाय की केतली" कहानी अनुभा की दिनचर्या के चारों ओर घूमती है, जब उसके बच्चे और पति ऑफिस जाते हैं। सुबह से लेकर दस बजे तक वह परिवार के लिए नाश्ता और टिफिन तैयार करने में व्यस्त रहती है, जिसके बाद उसे थोड़ी फुर्सत मिलती है। वह चाय बनाने का समय निकालती है, लेकिन चायपत्ती गिरने के कारण उसे सफाई करनी पड़ती है। इसी दौरान, उसे अपनी पुरानी चाय की केतली याद आती है, जिसे उसने शादी के समय खरीदी थी। यह केतली उनके साथ सुख-दुख के पल साझा करती रही है। अनुभा और रंजन की सुबहें चाय के साथ बगीचे में बिताई जाती थीं, जहां वे बातचीत करते और साथ में समय बिताते थे। केतली उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई थी, जो उनकी आत्मीयता और रिश्ते का प्रतीक है। चाय की केतली - National story competition Dr Vinita Rahurikar द्वारा हिंदी लघुकथा 8k 3.2k Downloads 15.7k Views Writen by Dr Vinita Rahurikar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक परिवार की कहानी जो सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने के कारण बिखर गया था लेकिन समय रहते सम्भल गया। यह आजकल की हकीकत है। अधिकांश परिवार जाने अनजाने यही गलतियां कर रहे हैं। More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी