इस कहानी में जनवरी 2018 की कविताओं का संग्रह है। पहली कविता में राजनीतिक और कूटनीतिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जहां कवि धूल और धुंध के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक वास्तविकताओं का वर्णन करता है। कवि यह बताता है कि कैसे भूमि बंजर है और लोग सरकारी नीतियों को पवित्र मानते हैं, जबकि सच कुछ और है। दूसरी कविता में कवि जीवन के उद्देश्य और सत्य को सरल शब्दों में व्यक्त करने का प्रयास करता है। वह प्रेरणा और ऊर्जा के माध्यम से जीवन को सुखद बनाने की बात करता है। कवि की इच्छा है कि सभी लोग अपने स्वर को मिलाकर एक सामूहिक स्वर में बदलें और जीवन को सुंदरता और सच्चाई से भर दें। जनवरी २०१८ की कविताएं महेश रौतेला द्वारा हिंदी कविता 1.4k 1.6k Downloads 4.9k Views Writen by महेश रौतेला Category कविता पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जनवरी २०१८ की कविताओं में जीवन के यथार्थ, संघर्षों, अनुभूतियों की रचनाएं हैं। जैसे उन दिनों प्यार करने को और कुछ था भी नहीं तुम्हारे सिवाय, न सिरफिरा मौसम था न बादलों की झुकी लट थीं न नदियों के घुमाव थे न बर्फ से ढकी पहाड़ियां थीं, सच कहूँ तो कुछ दिखता ही नहीं था। इन दिनों कहने को और कुछ है भी नहीं एक ईश्वर है वह भी अकेला है। महेश रौतेला More Likes This सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 1 द्वारा Geeta Kumari जिंदगी संघर्ष से सुकून तक कविताएं - 1 द्वारा Kuldeep Singh पर्यावरण पर गीत – हरा-भरा रखो ये जग सारा द्वारा Poonam Kumari My Shayari Book - 2 द्वारा Roshan baiplawat मेरे शब्द ( संग्रह ) द्वारा Apurv Adarsh स्याही के शब्द - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अदृश्य त्याग अर्धांगिनी - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी