कहानी एक पर्वतीय गांव की है, जहां तीस परिवार रहते हैं और यह गांव पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां की जीवनशैली मुख्य रूप से खेती और पशुपालन पर निर्भर है। गांव में केवल लड़के स्कूल जाते हैं, जबकि लड़कियों की पढ़ाई की कोई परंपरा नहीं है। एक अद्भुत घटना का जिक्र है जब गांव में एक लड़की, जो तुलसी जैसी दिखती थी, रोती हुई चारों ओर घूमती है और फिर गायब हो जाती है। इस घटना को देवी नाराजगी से जोड़ा जाता है। बुआ की शादी कम उम्र में कर दी गई थी, लगभग बारह साल की उम्र में। वह अपने मायके के प्रति गहरी भावना रखती है। उसके ससुराल की दूरी गांव से बीस किलोमीटर है, जहां वह घास काटने के लिए आती है। शिखर पर बैठकर वह अपने मायके की यादों में खो जाती है, अपने परिवार और बचपन के अनुभवों को याद करती है। उसके जीवन में काम की कोई कमी नहीं है, और वह सुबह चार बजे से रात दस बजे तक काम में व्यस्त रहती है। बुआ महेश रौतेला द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 7.1k 2.7k Downloads 9.2k Views Writen by महेश रौतेला Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अल्मोड़ा में स्थित गांव के परिवेश में उपजी कथा का वर्णन है। बुआ का अपने मैके से असीम प्यार इस कहानी में व्यक्त होता है। साथ हीअन्य जुड़ी घटनाओं से भी कहानी जुड़ी है। More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी