कहानी "जो देगा वही पाएगा" एक कंजूस बनिए, लाला जी, की है जो अपनी पत्नी की इच्छाओं को नजरअंदाज करते हुए एक पाई भी किसी को देने के लिए तैयार नहीं है। उसकी पत्नी दुखी रहती है, लेकिन लाला जी अपनी जमापूंजी को बहुत मेहनत से कमाया हुआ मानते हैं। एक दिन, लाला जी अपनी पत्नी को गंगा स्नान के लिए ले जाते हैं। पंडित जी दान देने के लिए कहते हैं, तो लाला जी reluctantly दो पाई देने के लिए सहमत हो जाते हैं, लेकिन वह पंडित जी को पैसे नहीं देते और कहते हैं कि वह घर जाकर देंगे। पंडित जी लाला जी के घर उनके साथ आ जाते हैं और अपनी दो पाई मांगते हैं। लाला जी पंडित जी को बताते हैं कि उनके पास पैसे नहीं हैं और वह तीन दिन बाद देने का वादा करते हैं। पंडित जी यह स्वीकार करते हैं और शिव मंदिर में ठहरने का निर्णय लेते हैं। तीन दिन बाद, लाला जी पंडित जी को बताते हैं कि वह बीमार हैं, लेकिन पंडित जी इंतजार करते हैं। इस तरह, लाला जी अपनी कंजूसी के कारण एक दुविधा में फंस जाते हैं, क्योंकि वह पाप करने से डरते हैं लेकिन अपनी मेहनत की कमाई से दो पाई भी नहीं देना चाहते। कहानी यह सिखाती है कि जो व्यक्ति दूसरों के साथ साझा नहीं करता, उसका अंततः नुकसान होता है। जितना छोड़ोगे उतना जोड़ोगे Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 42.4k 2.3k Downloads 8.8k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लालाजी की समझ में बात आ गयी, पंडित जी वापस गंगा घाट चले गए और लालाजी सब कुछ दान करके भगत बन गए जिनको लोगों ने नरसी भगत कहा, वही नरसी भगत जिसके पास अपनी बहन के यहाँ भात देने के लिए एक फूटी कौड़ी नहीं थी। More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी