यह कहानी रमा नाम की एक महिला की है, जो अपने बच्चों के स्कूल से लौटने के समय एक भयानक समाचार सुनती है। बिजली की मरम्मत के कारण बत्ती बंद थी, और वह घर के कामों में व्यस्त थी जब उसे पता चलता है कि स्नोबेल स्कूल के एक दूसरे कक्षा के छात्र, सोनू (जिसे ज्ञान के नाम से भी जाना जाता है), को स्कूल के टॉयलेट के बाहर मारा गया है। उसके गले पर चाकू से वार किया गया था। रमा इस घटना से बहुत परेशान हो जाती है, क्योंकि सोनू उसकी सहेली प्रतिमा का बेटा है। वह अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए चिंतित हो जाती है और उन्हें समझाती है कि उसे प्रतिमा के घर और स्कूल जाना है। रमा स्कूल पहुंचती है, जहां उसे पता चलता है कि घटना के समय सोनू की खोज की गई थी और CCTV कैमरे पर कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ दिखाई दी थीं। प्रतिमा और उसके पति पुलिस स्टेशन गए हैं, और रमा इस मामले की गुत्थी सुलझाने की कोशिश कर रही है, जब वह स्कूल में एक बड़े चाकू के बारे में सुनती है। यह सवाल उठता है कि वह चाकू स्कूल में कैसे आया और सोनू का हत्यारा कौन है। कहानी में तनाव और रहस्य बढ़ता है, जो पाठक को अंत तक बांधे रखता है। गेम बनाम मर्डर Neeloo Neelpari द्वारा हिंदी क्राइम कहानी 6.8k 3.4k Downloads 11.5k Views Writen by Neeloo Neelpari Category क्राइम कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Murder Mystery...अरे ये इतना बड़ा मिट्टी दाग कैसा किसी ने कीचड़ में धक्का दिया तुमको मैम फुटबॉल खेलते हुए न.... तड़ाक से दो थप्पड़ रसीद किये रमा ने रोहन की गाल पर... फुटबॉल मासूम बच्चे के खून से खेली जाती है क्या रमा मैम ये आप क्या बोल रही हैं, प्रिंसिपल उसको टोकती रही, रमा बोलती रही... हाँ बता और कौन कौन हैं तेरे साथी कहाँ से लाया चाकू क्यों मारा तूने ज्ञान को कैमरे को ढक कर क्या बच जाएगा रोहन रोते हुए प्रिंसिपल के चरणों में गिर पड़ा... मैडम मुझे माफ़ करो.. प्लीज़ मेरी गलती नहीं... शुभम और शेफाली के कहने पे मैं.... शुभम और शेफाली कक्षा ग्यारह एच के मॉनीटर्स और शुभम तो हेड बॉय भी है... पी टी सर बोले। लाता हूँ दोनों को। पर ये मर्डर तुम तीनों ने किया क्यों रमा सख्ती से बोली पर आंख नम थी उसकी। शुभम का चेहरा पीटी सर की मार से लाल था। आते ही बोला, मैम रेड रैबिट गेम में ज्ञान हमारा टारगेट था। गेम के कहेनुसार 10 दिन से कभी हम उसको चॉकलेट दे रहे थे, कभी पेंसिल बॉक्स, कभी उससे पोयम सुनते, कभी उसके घर जाकर उसका रूम डेकोरेट.. कल रात का टास्क था फूड्स लैब से बुचर नाइफ, सबसे बड़ा चाकू उठा अपने टारगेट पर हल्का वार करना। अब हमको क्या मालूम था रोहन ज्ञान की जान ही ले लेगा। मेरा कुसूर नहीं मैम ये शेफाली और रोहन का प्लान था। मैंने तो सिर्फ उनको बोला ही था। रोहन ही गया वाशरूम उसके पीछे, मैन शेफाली ने तो बस कैमरा बन्द किया था। More Likes This आई पी एस ओजस्विनी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari द मिस्ट्री ऑफ डेथ - 1 द्वारा Chetan Malade राहें - 7 द्वारा shiromani mathur प्रहेलिका (एक तलाश ) - 1 द्वारा Devaki Singh Objection, Ms. Singhania! - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput The Last Promise - 1 द्वारा CHIRANJIT TEWARY नीली रोशनी - 1 द्वारा Sapna Badh अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी