कहानी "पछतावा" एक गाँव की है जहाँ केवल कुत्ते रहते हैं। इनमें से एक कुत्ता बहुत सामाजिक और मददगार था, जिसके कारण उसकी लोकप्रियता बढ़ी। गाँववासियों ने उसे नेता चुनने का निर्णय लिया और चुनाव के बाद उसे एक ऊँची कुर्सी दी गई। नेता कुत्ते ने गाँव के विकास के लिए कई योजनाएँ बनाई, लेकिन आर्थिक समस्याओं के कारण उसे टैक्स लगाना पड़ा। टैक्स के बदले में उसने गाँव में विभिन्न विकास कार्य किए। इस प्रकार, कहानी में कुत्तों के समाज और उनके नेता के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था को दर्शाया गया है। पछतावा Indrajeet Kaur द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 8.7k 3.2k Downloads 16.4k Views Writen by Indrajeet Kaur Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रतीक में कही गयी व्यवस्था में कमियों की बात। एक व्यंग्य कथा। जंगल की हकीकत में शासन की छवि सभी को दिखती है। जनता त्रस्त और परेशान है। षड़यन्त्रों का खुलासा है। इसमें दिखाया गया है कि जनता की बेवकूफी और सरकार की कूटनीति से ही देश चलतें हैं। More Likes This तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput पिंकू की परी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari Deeptansh वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी