इस कहानी में नर्गिस और शाकिर के बीच के संबंधों की चर्चा की गई है। शाकिर एक बैंड में ड्रम बजाता है, लेकिन उसकी स्थिति खराब है और उसके होठ पर जलने का गहरा घाव है। नर्गिस उसकी देखभाल करती है और उसकी बीमारी के बावजूद उससे प्यार करती है। वह उसकी तकलीफों को महसूस करती है और अपनी जीवनशैली के बारे में बात करती है। कहानी में नर्गिस शाकिर से शादी करने की इच्छा व्यक्त करती है, लेकिन उसकी सहेली सारुन उसे इस निर्णय पर विचार करने के लिए कहती है। नर्गिस अपने प्यार और उसके प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करती है, जबकि वह जानती है कि शाकिर की बीमारी उसके लिए खतरा बन सकती है। कहानी का अंत नर्गिस के शादी करने की सोच के साथ होता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह अपने जीवन के इस नए अध्याय में कदम रखने के लिए तैयार है। इमारत मेरी है Shobha Rastogi द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2.6k Downloads 9.4k Views Writen by Shobha Rastogi Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण माँ के लिए बेटी का दर्द More Likes This बांसुरी की धुन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी