कहानी "सजा" में एक खूंखार मुजरिम, विक्की उस्ताद, अदालत में खड़ा है। वकील उससे पूछता है कि उसने कलक्टर साहिबा पर गोली क्यों चलाई। विक्की ने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया कि उसने गोली चलाई और पैसे मिलने का कारण बताया। जब वकील उससे पैसे देने वाले के बारे में पूछता है, तो विक्की चुप रहता है और जज साहिबा को घूरता है। विक्की का पेशेवर रवैया स्पष्ट है, वह सजा सुनाने के लिए तैयार है लेकिन अपनी पहचान छुपाने के लिए कोई जानकारी देने से इनकार करता है। वकील ने विक्की को यह बताकर चौंका दिया कि उसने अपनी सगी बहन पर गोली मारी, लेकिन विक्की ने तुरंत स्पष्ट किया कि उसने अपनी बहन पर नहीं, बल्कि कलक्टर मिस पांडे पर गोली चलाई है। कहानी का केंद्र विक्की की ठंडी और निर्भीक मानसिकता है, जबकि वह अपने अपराध को स्वीकार करता है। सजा Dr Narendra Shukl द्वारा हिंदी लघुकथा 13.8k 2.6k Downloads 9k Views Writen by Dr Narendra Shukl Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण This story is based on discrimination of girls over boys prevailing in Indian society . This story is based on discrimination of girls over boys prevailing in Indian society This story is based on discrimination of girls over boys prevailing in Indian society More Likes This कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी