कहानी में एक व्यक्ति सुनैना के लिए चाँदनी चौक में दिन बिताने की बात कर रहा है। वह उम्मीद करता है कि सुनैना वहाँ आएगी, विशेषकर इस समय जब पितृ पक्ष चल रहा है, जो कि आत्माओं के धरती पर आने का समय माना जाता है। भले ही सुनैना अब नॉएडा में रहती हो, लेकिन उसकी यादें चाँदनी चौक से जुड़ी हुई हैं। वह दो दिन वहाँ रुकता है, लेकिन सुनैना नहीं आती। उसकी यादें उसे कभी रुलाती हैं, कभी दुलारती हैं। सुनैना ने एक बार मजाक में कहा था कि अगर वह मर भी गई तो वह चाँदनी चौक की 'फ्रूट चार्ट' खाने जरूर आएगी। यह बात अब उसके लिए बहुत खास हो गई है। वह सोचता है कि जब सुनैना आएगी, तो वह कैसे दिखेगी और क्या वह उसे पहचान पाएगा। उसने सुनैना की पसंदीदा फ्रूट चार्ट भी खरीद ली है, यह सोचकर कि कहीं उसकी अनुपस्थिति में वह खत्म न हो जाए। सुनैना Jahnavi Suman द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 6.2k 2.6k Downloads 14.3k Views Writen by Jahnavi Suman Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हम अपनी रीतियों और परम्पराओं को आँखें मूंद कर निभाते चले जाते हैं। उसके पीछे छिपे उद्देश्य को नहीं समझ पाते है। कहानी का उद्देश्य सामाजिक परंपराओं के भीतर छिपे मुख्य उद्देश्य को सामने लाना है। More Likes This टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अम्मा - 1 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein नफ़रत वाला पति, मोहब्बत वाली ज़िंदगी - 2 द्वारा Rameshvar Gadiya When Miracles Happen - 1 द्वारा fiza saifi पर्दे के पीछे - 1 द्वारा ARTI MEENA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी