इस कहानी में पूणिम का एक विशेष अनुभव है, जब वह मलिक साहब को अपने पहले मिलन की जगह जाने के लिए समझाती है। मलिक साहब पहले तो अनिच्छुक होते हैं, लेकिन पूणिम के लिए यह करना स्वीकार करते हैं। जब वे उस स्थान पर पहुँचते हैं, तो उनका मन भारी होता है और वे जल्दी लौट आते हैं। घर लौटने पर मलिक साहब बहुत परेशान लगते हैं और पूणिम के बारे में चिंतित होते हैं। वे बताते हैं कि रास्ते में उन्हें एक साधू मिला, जिसने उन्हें चेतावनी दी कि उन्होंने एक "आज़ाद पंछी" के पर तोड़े हैं और वह अपनी स्थिति के लिए मलिक साहब को जिम्मेदार ठहराता है। साधू की बातें मलिक साहब को गहरे विचार में डाल देती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वे पूणिम को दुखी कर रहे हैं। यह कहानी प्यार, चिंता और जिम्मेदारी के भावनात्मक पहलुओं को उजागर करती है। इश्क़ इसको कहूँ तो Deepak Shah द्वारा हिंदी लघुकथा 3.7k 1.6k Downloads 6.2k Views Writen by Deepak Shah Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आज के इस दौर में हम इंसानी जज़्बातों का अपने निजी तौर पे जो तर्जुमा, जो अनुवाद करते हैं वो किस हद तक सही है ये सवाल मैं एक अरसे से खुद से पूछता रहा हूँ। आख़िर ये सवाल सबके सामने उठाने का मेरे जी में ख़याल आया। जो रमता की कहानियाँ बनकर हमारे सामने उभरे। इश्क़ इसको कहूँ तो उसी कहानी संग्रह रमता का एक हिस्सा है। More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी