कहानी "कृष्ण की भू लोक यात्रा" में महामुनि नारद देवलोक से अवतरित होते हैं और भगवान कृष्ण को भूलोक के शुभ समाचार सुनाते हैं। नारद बताते हैं कि वर्तमान सरकार गायों की रक्षा के लिए कड़े कानून बना रही है और गौ रक्षक दल उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। कृष्ण को यह सुनकर आश्चर्य होता है, तो नारद उन्हें सलाह देते हैं कि वे स्वयं भूलोक जाकर देख लें। राधा और कामधेनु भी कृष्ण से अनुरोध करती हैं कि वे भूलोक का भ्रमण करें। कृष्ण राधा का हाथ पकड़कर और कामधेनु को साथ लेकर भूलोक की ओर चलते हैं। वहां एक बड़े आयोजन की तैयारियां चल रही होती हैं, जिसमें एक गौशाला बनाई जा रही होती है, जहां कसाइयों से बचाई गई गायें रखी जाएंगी। यह सब देखकर कृष्ण की चिंता बढ़ जाती है और वे भूलोक की स्थिति की वास्तविकता को समझने की कोशिश करते हैं। कृष्ण की भू लोक यात्रा Neerja Dewedy द्वारा हिंदी लघुकथा 2.9k 2.2k Downloads 10.2k Views Writen by Neerja Dewedy Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण It is a motivational story for Kahani Pratiyogita. The story depicts the problems created by GaurakShaks and faced by cows kept in Gaushalas. It is also a satire on the attitude of society. More Likes This ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी