कहानी "फिलिंग फकीरा" में एक दुकानदार की दैनिक जीवन की झलक दिखाई गई है। वह अपने फेसबुक पोस्ट पर एक मित्र द्वारा लिखी गई पंक्तियों से प्रेरित होता है, जिसमें समाज की विषमताओं का वर्णन है। वह अपनी दुकान खोलता है और चूहों की भागदौड़ के बीच बिखरे सामानों को साफ करता है। जब वह अगरबत्ती लगाने वाला होता है, तभी एक भीख मांगने वाला उसके पास आता है। दुकानदार पहले ग्राहक का स्वागत करते हुए सोचता है कि यह दिन अच्छा है, लेकिन जब वह देखता है कि वह व्यक्ति बिना किसी तैयारी के भीख मांग रहा है, तो उसे निराशा होती है। वह महसूस करता है कि उसे भी अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इस तरह, कहानी समाज की आर्थिक विषमताओं और संघर्ष को दर्शाती है। फिलिंग फकीरा (कहानी) Ravi RanVeera द्वारा हिंदी लघुकथा 7.1k 2.7k Downloads 10k Views Writen by Ravi RanVeera Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहानी आज के फास्ट समाज की। रफ्तार इतनी की भविष्य का नुकसान नहीं दिख रहा है। मोबाइल में दर्द ढूंढने वालों और दर्द अदा करने वालों, सुनो मेरे इस लिखे हुए दर्द को। More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी