जगमतिया एक कामकाजी महिला है, जो मुकुन्द सेठ के खेत में रोपा लगाने आई है। सेठ की पत्नी बहुत कड़क हैं और उनकी बेटी भानुश्री की विदाई कल होने वाली है। जगमतिया की बेटी को भी कुछ समय पहले उसके ससुराल भेज दिया गया था। वह इस स्थिति से परेशान है क्योंकि उसका पहले से लिया गया कर्ज़ा अभी चुकता नहीं हुआ है। एक दिन जब जगमतिया खेत में काम कर रही थी, उसे शौचालय की जरूरत पड़ी और भानुश्री ने उसे सही दिशा बताई। जब वह शौचालय की ओर गई, तो उसे वहाँ का माहौल अजीब लगा। भानुश्री शौचालय को लेकर मजाक कर रही थी, जबकि जगमतिया ने अपने जीवन में कभी इतने आधुनिक शौचालय का अनुभव नहीं किया था। जगमतिया ने वहाँ की सजावट और सुविधाओं को देखकर आश्चर्यचकित होकर सोचा कि यह तो दूसरी दुनिया है। उसे अपने पुराने और साधारण नहानघर की याद आई, जहाँ उसने हमेशा प्राकृतिक जल का उपयोग किया था। यह कहानी पारंपरिक और आधुनिक जीवन के बीच के अंतर को दर्शाती है। सपना शेष sangeeta sethi द्वारा हिंदी लघुकथा 8.6k 2.6k Downloads 10.8k Views Writen by sangeeta sethi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी प्रतियोगिता के लिए है । शौचालयों की समस्या पर लिखी गई यह कहानी सोचने मजबूर करती है खासकर महिलाओं को जिनके पास अति आधुनिक शौचालय हैं पर उनके बारे में सोचिये जिनके पास शौचालय नहीं है More Likes This पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी