कहानी प्रतियोगिता हेतु कहानी vinod kumar dave द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

कहानी प्रतियोगिता हेतु कहानी

vinod kumar dave द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ

सिवाय एक मनहूस बदसूरती के उस रात में कुछ नहीं था, मैं उसे दोपहर से शाम तक टुकड़ों में बांट चुका था। एक बोरे में फटा पुराना प्लास्टिक कवर जमाकर मैंने उन टुकड़ों को बोरे में डाल दिया। रस्सी ...और पढ़े