कहानी "रंगभूमि" के अध्याय 49 में सूरदास के स्मारक के लिए चंदा इकट्ठा किया जा रहा है और गवर्नर की उपस्थिति में शिलान्यास की तैयारी चल रही है। मिसेज सेवक उत्सव की तैयारियों में जुटी हुई हैं, जबकि मि. क्लार्क सरकारी कर्मचारियों की मदद करवा रहे हैं। मिसेज सेवक को आशा है कि विनयसिंह की मृत्यु से सोफिया, मि. क्लार्क की ओर आकर्षित होगी, इसलिए वह सोफिया को लाने का निश्चय करती हैं। इस बीच, मि. जॉन सेवक कम्पनी के वार्षिक विवरण को प्रस्तुत करने की तैयारी में हैं, लेकिन वे वास्तविक लाभ को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, मि. ईश्वर सेवक इन तैयारियों को अपव्यय मानते हैं और बार-बार नाराज होते हैं। वे सोचते हैं कि इस तरह के उत्सव में अधिक खर्च करना बेकार है और इस पर अपनी असहमति व्यक्त करते हैं। मि. ईश्वर सेवक का दृष्टिकोण इस बात को दर्शाता है कि वे पारंपरिक और आर्थिक दृष्टि से अधिक विवेकपूर्ण हैं, जबकि अन्य लोग उत्सव की चमक-दमक में लिप्त हैं। रंगभूमि अध्याय 49 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 986 3k Downloads 8.8k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षमता रखता है। रंगभूमि के कथानक में अनेक रंग-बिरंगे धागे लिपटे हुए हैं। उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन और साथ ही, एक ग्राम सेवक का ईसाई परिवार है, जो गांव के चारगाह पर सिगरेट का कारखाना लगाने के लिए अधीर है। अनेक धनी व्यक्ति हैं, जिनके बीच अगणित अन्तर्विरोध हैं - लोभ, ख्याति की लालसा और महत्त्वाकांक्षाएं। महाराजा हैं, उनके अत्पीड़न के लिए रजवाड़े हैं। उपन्यास का घटनाचक्र प्रबल वेग में घूमता है। कथा में वेग और नाटकीयता दोनों ही हैं। Novels रंगभूमि ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षम... More Likes This THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी