कहानी एक यात्रा के दौरान की है, जहां नायक ट्रेन में चढ़ता है और अपनी बर्थ पर आराम से सोने की योजना बनाता है। ट्रेन में चढ़ते समय, उसे कुछ भीड़ नहीं मिलती, जिससे उसकी माँ की चिंताएँ बेकार साबित होती हैं। वह सोचता है कि ट्रेन में उसका एकमात्र कार्य सोना है, लेकिन तभी एक सहयात्री उससे बातचीत शुरू कर देता है। सहयात्री उसके गंतव्य के बारे में पूछता है और अपने रिश्तेदारों का जिक्र करता है, जो वहां रहते हैं। नायक चाहकर भी सहयात्री को यह नहीं बता पाता कि उसने हनुमान जी के चबूतरे या प्रसिद्ध हलवाई की दुकान के बारे में नहीं सुना है। सहयात्री उसकी बातों पर हैरान होता है और उसे हलवा खाने की सलाह देता है। यह बातचीत नायक की यात्रा का एक मजेदार हिस्सा बन जाती है, जिसमें वह अपने इरादों से भटक जाता है। खोखली बातें Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 8.9k 2.5k Downloads 11.1k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहते हैं न पर उपदेश कुशल बहुतेरे । ये दुनिया रायचंदों से भरी पड़ी है जो एक से एक सलाह देने में माहिर हैं। ऐसे ही एक रायचंद मुझे अपनी इस ट्रेन यात्रा में मिल गए जो कि... More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी