"सड़कों पे सांप" कहानी में लेखक प्रेम जनमेजय अपने एक विशेष मामा जी का परिचय देते हैं, जो दिल्ली की सड़कों पर सांपों की तरह रेंगते हैं और समाज के हर पहलू पर टिप्पणी करने में माहिर हैं। लेखक बताते हैं कि उनके मामा जी दूसरों की हर गतिविधि पर बिन मांगे सलाह देते हैं और उनकी आलोचना करते हैं, जैसे कि किसी ने कार कहां पार्क की है या किसी ने कैसे कपड़े पहने हैं। कहानी में मामा जी की तुलना कौरवों और पांडवों के शकुनि मामा से की गई है, जो पासों के खेल में माहिर थे। लेखक यह भी बताते हैं कि ये मामा जी ऐसे हैं, जो हमेशा किसी न किसी की बातों में टांग अड़ाने के लिए तैयार रहते हैं। उनके मामा जी की टिप्पणियां अक्सर बिना किसी सोच-विचार के होती हैं, और वे खुद को समाज के सुधारक मानते हैं। कहानी के अंत में, लेखक यह स्पष्ट करते हैं कि उनके मामा जी की आलोचनाएं और टिप्पणियां आमतौर पर अनदेखी की जाती हैं, लेकिन वे लगातार अपने विचार व्यक्त करते रहते हैं। इस प्रकार, यह कहानी सामाजिक आलोचना और व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से रिश्तों की जटिलता को दर्शाती है। सड़को पे सांप Prem Janmejay द्वारा हिंदी लघुकथा 7.7k 2.2k Downloads 6.7k Views Writen by Prem Janmejay Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दिल्ली जैसे किसी भी महानगर की सड़कों पर निकल जाएँ तो अपना जीवन असुरक्षित लगने लगता है। लगता है कि आप अकेले कृष्ण हैं जो किसी दुर्योधन से सड़क पर थोड़ी सी जगह मांग रहे हैं पर आपके आस पास के सड़कों को घेरे दुर्योधन आपको एक इंच ज़मीन देने को तैयार नहीं। मोटर साईकिल वाले ऐसे रेंगते हैं जैसे सड़कों पर काले नाग रेंग रहे हों , आपने छुआ नहीं की डंक लगा More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी