इस कहानी में एक महिला, जिसका नाम रतना है, एक ट्रेन में यात्रा कर रही है। वह अपने भाई मंजुनाथ के साथ है, जो उसे अपनी सीट पर बैठाने की कोशिश कर रहा है। रतना की उपस्थिति से नायक खुश है, क्योंकि वह चाहती थी कि उसकी सामने वाली सीट पर कोई महिला बैठे, ताकि उसे पुरुषों से घिरे रहने की असुविधा का सामना न करना पड़े। कहानी में ट्रेन यात्रा के दौरान की भीड़-भाड़ और सीट बदलने की परेशानियों का भी उल्लेख है। रतना की सुंदरता और उसकी साड़ी की बारीकी का वर्णन करते हुए, नायक उसके साथ बातचीत करने की उम्मीद करता है। अंत में, नायक खिड़की के बाहर देखने की कोशिश करती है, लेकिन उसे कुछ खास नहीं दिखता। यह कहानी विवाहिता की पहचान और सामाजिक परंपराओं को भी छूती है। शादी से पहले और शादी के बाद Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 43.6k 4.8k Downloads 23.6k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी है एक यात्रा की, जिसके दौरान दो स्त्रियां मिलती हैं और बस मिलकर बिछुड़ जाती हैं, मगर बातचीत के दौरान छोड़ जाती हैं मन में बस यही एक प्रश्न कि स्त्री ही क्यों More Likes This कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी