गायत्री एक रात किचन से बाहर आई और देखा कि मणि बरामदे में अकेले बैठे हैं। उसने मणि से पूछा कि वह इतनी रात को अकेले क्यों हैं और मणि ने अपनी परेशानियों के बारे में बताया। मणि ने बताया कि ऑफिस में एक नया लड़का आया है जो उसका मजाक उड़ाता है और इससे वह काफी परेशान है। गायत्री ने मणि को समझाया कि उसे चिंता करने की जरूरत नहीं है और पूछा कि वे कहाँ जाएंगे। मणि ने मंग्लौर जाने का सुझाव दिया, जिससे उनकी चिंताएं थोड़ी कम हुईं। गायत्री ने देखा कि उसकी युक्ति ने मणि को उत्साहित कर दिया है। समुद्र की रेत Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 11.8k 3.1k Downloads 17.1k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी सुब्रमणियन उर्फ़ मणि की है जिनका दफ़्तर में आज आख़िरी दिन है। वे आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पिछले आठ साल से इस दफ़्तर में रहते हुए उन्होंने हर सहकर्मी के बारे मेंं अपनी एक धारणा कायम कर ली थी। परंतु जैसे-जैसे उनका विदाई कार्यक्रम आगे बढ़ता जाता है, उनकी धारणाएं टूटने लगती हैं। More Likes This खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी