यह कहानी "पराभव" में श्रद्धा बाबू और मनोरमा के बीच एक तनावपूर्ण संवाद का वर्णन है। श्रद्धा बाबू नशे में हैं और मनोरमा से पूछते हैं कि वह किसके लिए खाना बना रही हैं। जब वह कहते हैं कि वह उनके लिए बना रही हैं, तो श्रद्धा बाबू उन पर आरोप लगाते हैं कि वह किसी और के लिए खाना बना रही हैं। मनोरमा अपने पति के क्रोध को शांत करने की कोशिश करती हैं, लेकिन श्रद्धा बाबू का गुस्सा और बढ़ता है। वह उसे धमकी देते हैं और विवाद बढ़ता जाता है। अंत में, श्रद्धा बाबू उत्तेजित होकर एक छड़ी उठाते हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। यह संवाद घरेलू संघर्ष और मनोवैज्ञानिक तनाव को दर्शाता है। पराभव - भाग 18 Madhudeep द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 9.3k 2.2k Downloads 7.5k Views Writen by Madhudeep Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पराभव मधुदीप भाग - अठारह "आज किसके लिए पकवान बना रही हो?" रसोई के सामने खड़े होकर श्रद्धा बाबू ने नशे के कारण अपनी लड़खड़ाती आवाज में कहा | "आपके लिए!" किसी विवाद से बचने के लिए मनोरमा ने हल्की-सी मुसकान के साथ कहा | "मेरे लिए कभी तुमने पकवान बनाए हैं क्या?" विवाद करने वाला झगड़े का कोई न कोई कारण खोज ही लेते है, "हरामजादी, क्या इस घर में भी तेरे यार आने लगे |" श्रद्धा बाबू ने चीख कर कहा | "क्या बकते हो, जरा धीरे बोलो |" क्रोध को अन्दर ही अन्दर पीते हुए भी मनोरमा Novels पराभव "मैं तो अब कुछ ही क्षणों का महेमान हूँ श्रद्धा की माँ!" कहते हुए सुन्दरपाल की आवाज लड़खड़ा गई| "ऐसी बात मुँह से नहीं निकालते श्रद्धा के बापू... More Likes This उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha RAJA KI AATMA - 1 द्वारा NOMAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी