इस कहानी में एक पति-पत्नी, अमर और अरू, अपनी माँ के शिमला जाने के बारे में बहस कर रहे हैं। अरू चाहती है कि उनकी माँ एक बार शिमला जाएं, बजाय इसके कि हर बार मुंबई आएं। वह तर्क करती है कि उनकी माँ यहाँ आकर परेशान रहती हैं और शिमला में वह अपने भइया-भाभी से मिल सकेंगी। अमर, हालांकि, अपनी माँ को हमेशा अपने पास रखना चाहता है और यह सोचता है कि उसे अपनी माँ की खुशी का ध्यान रखना चाहिए। दोनों के बीच इस मुद्दे पर तर्क-वितर्क चलता है, जहाँ अरू अपने विचारों को स्पष्ट करने की कोशिश करती है जबकि अमर अपनी माँ की भावनाओं को प्राथमिकता देता है। कहानी इस परिवार के रिश्तों और माँ के प्रति उनके दृष्टिकोण को उजागर करती है। एक ही लिहाफ़ Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 5.3k 1.4k Downloads 7k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अक्सर पति-पत्नी के छोटे-मोटे झगड़े उन्हें और क़रीब ला देते हैं। अर्चना और अमरकांत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उस दिन दोनों माँ को शिमला भेजने की बात पर लड़ पडे और फिर... More Likes This कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी