कहानी "भिखारिन अम्मा" बलवीर नामक एक व्यक्ति के बारे में है, जो एक गाड़ी चालक हैं। हाल ही में उनकी गाड़ी खराब हो गई और वे दो दिनों से घर में बैठे हुए हैं, बिना किसी पैसे के। बलवीर की पत्नी शांति बताती हैं कि घर में एक भी रुपया नहीं है, जिससे वे भिखारिन अम्मा को कुछ दे सकें, जो हर शनिवार को दान मांगने आती हैं। बलवीर का मानना है कि इस दिन दान देने से घर की विपत्तियाँ दूर होती हैं, और वे नहीं चाहते कि भिखारिन अम्मा उनके घर से खाली लौटें। बलवीर की चिंता इस बात को लेकर है कि वे कैसे दान देंगे, खासकर जब उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब है और चार बच्चों की पढ़ाई तथा अन्य खर्चे भी हैं। बलवीर की दान देने की भावना और संकट में उनकी स्थिति कहानी का मुख्य विषय है। भिखारिन अम्मा Dharm द्वारा हिंदी लघुकथा 24.6k 3.1k Downloads 21.2k Views Writen by Dharm Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हम जिसको किसी लायक नहीं समझते कभी वो हमारे बहुत काम आ जाता है. इस कहानी में एक भिखारिन बुढ़िया इसी तरह बलवीर के काम आयी. वलबीर ने कभी सोचा भी न था कि एक भिखारिन उनकी इतनी बड़ी मदद कर सकती है. More Likes This एक डिवोर्स ऐसा भी - 1 द्वारा Alka Aggarwal पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी