मोहनलाल, जो लगभग 55 साल का है, ने वर्षों से स्टेशन की कैंटीन चलाई है और कई घटनाएँ देखी हैं। एक दिन सुबह, जब वह अकेला था, स्टेशन मास्टर उसके पास आए और परेशान दिखे। मास्टर साहब ईमानदार और सीधे-सादे व्यक्ति थे। मोहनलाल ने उन्हें चाय पेश की और उनकी परेशानी का कारण पूछा। मास्टर ने मोहनलाल से पूछा कि क्या कभी किसी ने उन्हें कोई चीज़ रखने को दी है जो उन्हें परेशानी में डाल दे। मोहनलाल ने एक कहानी सुनाई जो पहले स्टेशन मास्टर कुमार जी ने बताई थी, जिसमें यह सीख थी कि किसी की कीमती चीज़, जिसे आप खुद नहीं खरीद सकते, उसकी जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। कहानी का सार यही है कि दूसरों की चीज़ों की जिम्मेदारी लेना जोखिम भरा हो सकता है। लोहमार्गी कथाएँ Sachin Godbole द्वारा हिंदी लघुकथा 21.2k 2.5k Downloads 12.5k Views Writen by Sachin Godbole Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रेलगाडी ने बचपन से ही हम लोगों को आकर्षित किया है। रेल सिर्फ एक आवागमन का साधन मात्र ना रहकर एक संस्कृति बन गयी है और रेलवे स्टेशन इस संस्कृति का तीर्थ। रेल्वे स्टेशन पर एक अलग ही विश्व रहता है। बुक स्टाल हो या रेलवे कैंटीन, ओवर ब्रिज हो या पानी पीने का नल स्टेशन सभी रेलवे स्टेशन की वास्तु पर अलग ही शोभा देती हैं। सबसे अनोखे लगते हैं रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्री, कुछ चिंतित, कुछ प्रसन्न, कुछ उतावले तो कुछ अधिक सावधान। । ट्रेन से सफ़र के दौरान अलग अलग आचार विचार के, भिन्न स्वाभाव के लोगों को एक दूसरे का सहयात्री बनाना पड़ता है। यात्रा के दौरान कभी नए परिचय होते हैं तो कभी पुरानी पहचान के धागे जुड़ते हैं, कभी कोई अनजान किसी का मददगार बनता है तो कभी आपसी संघर्ष होते हैं। डाकिये की झोली में अलग अलग भावों से भरी चिट्ठियां होती है। किसी की शादी की निमंत्रण पत्रिका के पास वापस भेजी गयी जन्म पत्रिका होती है, तो किसी की मुझे नौकरी मिल गयी के पास कल शाम को निधन हो गया ये बताने वाली चिट्ठी पड़ी होती है। उसी तरह से इन कहानियों के प्रसंग भी अलग अलग भावनाएं लिए हुए हैं, कुछ हँसी के तो कुछ दुःख के, कुछ भयानक तो कुछ रोमांचक, कुछ सामाजिक तो कुछ व्यावहारिक। ये कहानियां ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर घटी हैं लेकिन है इंसानो की, उनके स्वभावों की , उनके संघर्षों की। ये सारी कहानियाँ सम्पूर्ण रूप से लेखक की कल्पना पर आधारित हैं। किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से कहानी के किसी पात्र का मेल केवल योग माना जाये. चलिए तो फिर सुनते हैं लोहमार्गी कथाएँ. कहानियाँ जो ट्रेन में मिली. हर हफ्ते १ नयी कहानी धारावाहिक रूप से प्रकाशित की जाएँगी More Likes This आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी