रवि, जो अपने परिवार के साथ दिल्ली आया था, वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहा था। उसने अपने चाचा की मदद से एक नौकरी शुरू की, लेकिन उसकी आय कम थी। वह दिन में काम करता और रात में प्रिंटिंग प्रैस में। एक दिन उसके पड़ोसी रहमान ने उसे बताया कि वह एक आदमी को जानता है जो उसे रातों-रात अमीर बना सकता है। रवि ने रहमान की बातों को गंभीरता से लिया और उसके साथ आगरा गया। वहाँ हुसैन ने रवि को दस हजार रुपए दिए और कहा कि वे पूरे दिन घूम सकते हैं। रवि और रहमान ने आगरा का आनंद लिया और पैसे खर्च किए। कहानी यह दर्शाती है कि रवि की आर्थिक स्थिति और अमीर बनने की लालसा उसे अनजान जोखिमों में धकेल रही है। जाली नोट Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 24.5k 1.4k Downloads 5.7k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक ऐसे युवक की कहानी है जो अधिक महत्वाकांक्षी होने के कारण नकली नोट बनाने वालों के चक्कर मे पड़ जाता है, लेकिन किस्मत उसका साथ देती है किसी की सहायता से अपराधी पकड़े जाते हैं, उसका पैसा भी वापस मिल जाता है। More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी