रेहाना बी भाईजान के घर से लौटने के बाद एक अजीब स्थिति में हैं। उनका मन यूसुफ की बीमारी की चिंता में उलझा हुआ है, क्योंकि उनकी तंदुरुस्ती ही रेहाना की खुशियों का आधार है। इस बीच, भाईजान की जिंदगी व्यवस्थित हो गई है, जबकि रेहाना एक कुएं की दीवार से सटी अपने अकेलेपन का सामना कर रही हैं। अंधेरा होने पर कोठी के लोग कहीं छिप गए हैं, और ताहिरा की नई गाड़ी बाजार से आने वाली है, जिससे रन्नी गर्वित है लेकिन साथ ही शहनाज़ बेगम और अख़्तरी बेग़म की कठिनाइयों का भी एहसास होता है। ताहिरा की सुंदर गाड़ी कोठी में प्रवेश करती है, और उसकी ख़ुशी में सब शामिल होते हैं। शहनाज़ बेगम ताहिरा के चचाज़ात भाई शाहबाज़ से मिलवाती हैं, जो दुबई से आए हैं। शाहबाज़ की बातों से पता चलता है कि वह अपने व्यापार में सफलता की मन्नत पूरी करने के लिए आए हैं। बातचीत के दौरान हल्के-फुल्के मजाक होते हैं, जिसमें परिवार की रिश्तेदारी की बातें उठती हैं। कहानी में औरतों की स्थिति और उनके जीवन की चुनौतियों का भी संकेत है, जिससे यह साफ है कि समाज में उनके स्थान को लेकर कई प्रश्न अनुत्तरित हैं। ख्वाबो के पैरहन - 11 Santosh Srivastav द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 33.7k 5k Downloads 12k Views Writen by Santosh Srivastav Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अँधेरा घिर आया है कोठी के सभी लोग न जाने कहाँ कोने-आतड में छुपे से हैं शहनाज़ बेगम और शाहजी तो ताहिरा को ले कर बाज़ार गए हैं ताहिरा की नहीं गाड़ी जो शाहजी ने उसे ईद के मौके पर भेंट देने को कहा था, आज वो आने वाली है ईद के वक्त न आ सकी गाड़ी ताहिरा के भाग्य पर रन्नी का सीना गर्व से फूल उठता है पर शहनाज़ बेगम और अख्तरी बेगम की सूनी कोख उसके अंदर दहशत भी भर देती है तब लगता है की ताहिरा दांव पर लगी है जिसके एवज में भाईजान की चरमराती गृहस्थी को सम्हालते, सुख, खुशियाँ और एश बख्शते शाहजी के हाथ हैं Novels ख्वाबो के पैरहन चूल्हे के सामने बैठी ताहिरा धीमे-धीमे रोती हुई नाक सुड़कती जाती और दुपट्टे के छोर से आँसू पोंछती जाती अंगारों पर रोटी करारी हो रही थी खटिया पर फूफी अ... More Likes This पिंकू की परी - 2 द्वारा Deepak Kumar Tiwari तलाश - गुम हुए पति की - 1 द्वारा Kishanlal Sharma सच्चाई का रक्षक - 1 द्वारा Veena Hidden Contract Marriage - 1 द्वारा Avantika आईने में बदलता जीवन - भाग 1 द्वारा Chandni choudhary अभी कहानी बाकी है - 1 द्वारा Ankit Khatri तिलस्मी - भाग 1 द्वारा Chandni choudhary अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी