यह कहानी "चन्द्रगुप्त" जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित है। इसमें चाणक्य, एक महान ब्राह्मण और साम्राज्य के महामंत्री, तपोवन में ध्यान कर रहा है। कहानी की शुरुआत में राक्षस और सुवासिनी भयभीत होकर प्रवेश करते हैं। राक्षस अपने देशद्रोही कार्यों के लिए चिंतित है और सुवासिनी उसे सलाह देती है कि वे तपोवन में छिप जाएं। तपोवन में चाणक्य का ध्यान उसकी आंतरिक ब्राह्मणत्व की उपलब्धि पर है, जहां वह अपने कर्मों की समीक्षा कर रहा है। वहीं, मौर्य एक भीषण प्रतिशोध की भावना के साथ चाणक्य को मारने का प्रयास करता है, लेकिन सुवासिनी उसे रोकती है। इस बीच, चन्द्रगुप्त, जो कि सम्राट् का पुत्र है, आश्चर्य और क्रोध के साथ घटनाओं का सामना करता है। वह चाणक्य का सम्मान करता है और न्याय की इच्छा प्रकट करता है। कहानी में विभिन्न पात्रों के बीच संवाद और भावनाओं का खेल चलते हुए, एक गहरी सामाजिक और नैतिक संदेश प्रदान करती है। चंद्रगुप्त - चतुर्थ - अंक - 43 Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 7.4k 3.8k Downloads 14.3k Views Writen by Jayshankar Prasad Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मौर्य कहेते हैं की यह सब ढोंग है रक्त और प्रतिशोध, क्रूरता और मृत्यु का खेल देखते ही जीवन बिता, अब क्या मैं इस सरल पथ पर चल सकूंगा? यह ब्राह्मण आँख मुंदने खोलने का अभिनय भले ही करे, पर मैं! असम्भव है! अरे, जैसे मेरा रक्त खौलने लगा ह्रदय में एक भयानक चेतना, एक अवज्ञा का अट्टहास, प्रति हिंसा जैसे नाचने लगी यह एक साधारण मनुष्य, दुर्बल कंकाल, विश्व के समूचे शस्त्रबल को तिरस्कृत किये बैठा है! रख दू गले पर खड्ग, फिर देखूं तो यह प्राण भिक्षा मांगता है या नहीं? सम्राट चन्द्रगुप्त के पिता की अवज्ञा? नहीं नहीं, ब्रह्महत्या होगी, हो, मेरा प्रतिशोध और चन्द्रगुप्त का निष्कंटक राज्य.... Novels चंद्रगुप्त चंद्रगुप्त (स्थान - तक्षशिला के गुरुकुल का मठ) चाणक्य और सिंहरण के बीच का संवाद - उस समय आम्भिक और अलका का प्रवेश होता है - आम्भिक गुरुकुल में शस्... More Likes This RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul माइनर टाउन: जागरण - 1-2 द्वारा Ankit Saxena सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी