इस कहानी में चन्द्रगुप्त और चाणक्य के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण युद्ध का वर्णन किया गया है। चाणक्य, चन्द्रगुप्त की सेना के बल को बढ़ाने के लिए योजना बना रहे हैं, जबकि सिंहरण युद्ध की गंभीरता को समझते हुए तैयार हैं। युद्ध के मैदान में, चन्द्रगुप्त और सिल्यूकस के बीच बातचीत होती है, जहाँ चन्द्रगुप्त यवन सेना को बिना युद्ध के लौट जाने की अपील करते हैं। लेकिन सिल्यूकस भारत पर विजय प्राप्त करने के अपने इरादे से पीछे नहीं हटता। युद्ध शुरू होता है और आम्भीक, जो मगध की सेना का नेतृत्व कर रहा है, यवन सेना पर आक्रमण करता है। चाणक्य के निर्देशों के अनुसार, आम्भीक अपनी कूटनीति का उपयोग कर यवन सेना को हारने के लिए प्रेरित करता है। अंततः आम्भीक युद्ध में घायल होता है और यवन सेना भाग जाती है। चन्द्रगुप्त की जीत होती है और वह अपने भाई सिंहरण का स्वागत करते हैं। कहानी साहस, कूटनीति और विजय की भावना को दर्शाती है, जिसमें चन्द्रगुप्त और चाणक्य की रणनीतिक बुद्धि और नेतृत्व की महत्ता है। चंद्रगुप्त - चतुर्थ - अंक - 40 Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4.5k 3.1k Downloads 14.7k Views Writen by Jayshankar Prasad Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सिंहरण ने कहा, हाँ आर्य, प्रचंड विक्रम से सम्राट ने आक्रमण किया है यवन सेना थर्रा उठी है आज के युद्ध में प्राणों को तुच्छ गिन कर वे भीम पराक्रम का परिचय दे रहे हैं गुरुदेव! यदि कोई दुर्घटना हुई तो? आज्ञा दीजिये अब मैं अपने को नहीं रोक सकता तक्षशिला और मालवों की चुनी हुई सेना प्रस्तुत है, किस समय काम आवेगी? चाणक्य ने कहा की जब चन्द्रगुप्त की नासीर सेना का बल क्षय होने लगे और सिन्धु के उस पार की यवनों की समस्त सेना युद्ध में सम्मिलित हो जाय, उस समय आम्भिक आक्रमण करे और तुम चन्द्रगुप्त का स्थान ग्रहण करो... Novels चंद्रगुप्त चंद्रगुप्त (स्थान - तक्षशिला के गुरुकुल का मठ) चाणक्य और सिंहरण के बीच का संवाद - उस समय आम्भिक और अलका का प्रवेश होता है - आम्भिक गुरुकुल में शस्... More Likes This प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet The Deathless and His Shadow - 1 द्वारा Dewy Rose नया बॉडीगार्ड - 1 द्वारा Miss Secret वो जिंदा है - 1 द्वारा S Sinha नागमणी की श्रापित नागरानी - 1 द्वारा Piyu soul अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी