कहानी "चन्द्रगुप्त" जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखी गई है, जिसमें चाणक्य और कात्यायन के बीच संवाद है। चाणक्य, जो एक कुशल रणनीतिकार है, अपने रहस्यों को उजागर न करने के लिए कात्यायन को चेतावनी देता है। कात्यायन मगध के राज-काज में शामिल होने से कतराता है, लेकिन चाणक्य उसे गांधारा के उपद्रव के कारण बाध्य करता है। कात्यायन बताता है कि सिल्यूकस की कन्या को पढ़ाने के लिए वह वहीं है, और वह मगध लौटना चाहता है। चाणक्य उसे शीघ्रता से मगध पहुंचने का निर्देश देता है और चंद्रगुप्त को भेजने की बात करता है। दोनों के बीच गार्हस्थ्य जीवन और विवाह पर हंसी-मजाक होता है। कात्यायन सिल्यूकस की संस्कृति के प्रभाव को लेकर चिंतित है, जबकि चाणक्य केवल अपने साम्राज्य के निर्माण की सोचता है। कात्यायन चाणक्य से विनती करता है कि वह सिल्यूकस की कन्या का अनिष्ट न करे। चाणक्य ने बताया कि सिल्यूकस ने चंद्रगुप्त की मदद की थी और अब नियति ने दोनों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया है। आखिर में, चाणक्य कात्यायन से पूछता है कि क्या वह चंद्रगुप्त और यवन-बाला के विवाह में आचार्य बनेगा, जिससे कहानी में एक नए मोड़ की संभावना पैदा होती है। चंद्रगुप्त - चतुर्थ - अंक - 36 Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.4k 4k Downloads 14.6k Views Writen by Jayshankar Prasad Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण चाणक्यने हंस कर कहा, कात्यायन तुम सच्चे ब्राह्मण हो! यह करुणा और सौहार्द का उद्रेक ऐसे ही ह्रदयों में होता है परन्तु मैं निष्ठुर, ह्रदयहिन् मुझे तो केवल अपने हाथों खड़ा किये हुए एक सामराज्य का द्रश्य देख लेना है कात्यायनने जवाब देते हुए कहा की फिर भी चाणक्य उसका सरस मुख मंडल! उस लक्ष्मी का अमंगल! चाणक्य फिर हंसे और बोले, तुम पागल तो नहीं हो गये हो? कात्यायनने कहा तुम हंसो मत चाणक्य! तुम्हारा हंसना तुम्हारे क्रोध से भी भयानक है प्रतिज्ञा करो की तुम उसका अनिष्ट नहीं करोगे! बोलो चाणक्यने कहा कात्यायन! अलक्षेन्द्र कितने विकट परिश्रम से भारतवर्ष से बहार हुए थे क्या तुम यह बात भूल गये? Novels चंद्रगुप्त चंद्रगुप्त (स्थान - तक्षशिला के गुरुकुल का मठ) चाणक्य और सिंहरण के बीच का संवाद - उस समय आम्भिक और अलका का प्रवेश होता है - आम्भिक गुरुकुल में शस्... More Likes This प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet The Deathless and His Shadow - 1 द्वारा Dewy Rose नया बॉडीगार्ड - 1 द्वारा Miss Secret वो जिंदा है - 1 द्वारा S Sinha नागमणी की श्रापित नागरानी - 1 द्वारा Piyu soul अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी