K Pop मेरा पति - 2 shreya द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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K Pop मेरा पति - 2

YN के पापा: "15 अगस्त! यह बहुत ही शुभ तारीख है, सारे ग्रह-नक्षत्र मिल रहे हैं।" (सागौन की मेज पर हाथ मारते हुए)

Seo-jun: "यह बहुत जल्दी है," (अपनी कुर्सी पर पीछे की ओर झुकते हुए और माथे पर शिकन लाते हुए)

Seo-jun की मम्मी: "यह बिल्कुल सही समय है। हमारी सारी तारीखें खाली हैं, जगह (Venue) तय हो चुकी है। अब बात पक्की रही।"

YN और Seo-jun ने एक पल के लिए एक-दूसरे से आँखें मिलाईं। उनके बीच बिना कहे एक समझौता हो गया।

YN और Seo-jun: "नहीं!" (दोनों एक साथ चिल्लाए)
घर के बड़े-बुजुर्गों ने पलकें झपकाईं। कमरे में एक भारी सन्नाटा छा गया।

YN: "मुझे अपनी फैशन कलेक्शन पूरी करनी है! मैं सिर्फ चार हफ़्तों में डिज़ाइनर से हाउसवाइफ़ नहीं बन सकती!"

Seo-jun: "मुझे अपने वर्ल्ड टूर की तैयारी करनी है। मम्मी, यह नाइंसाफ़ी है। मैं अभी बंधने के लिए तैयार नहीं हूँ।"

Seo-jun के पापा: "तुम चौंतीस (34) साल के हो चुके हो। छोटे बच्चों की तरह नखरे करना बंद करो। तुम अगले महीने YN से शादी कर रहे हो, वरना अपने नए स्टूडियो इक्विपमेंट का सपना भूल जाओ।"

Seo-jun एकदम चुप हो गया। उसका मुँह बंद हो गया।
YN के पापा: "और तुम, तुम्हें एक सफल डिज़ाइनर बनना है न? एक stable शादी ही तुम्हारे करियर की सबसे मजबूत नींव बनेगी। अगले महीने शादी है। कोई और बहस नहीं होगी।"

YN अपनी सीट पर ढह सी गई, उसके कंधे झुक गए।
YN: "मुझे सब चीज़ों से नफ़रत है।"

Seo-jun: "मुझे भी।" (धीरे से फुसफुसाते हुए)
एक घंटे बाद, दोनों परिवार मेज पर सजे कोरियाई और भारतीय खाने के चारों ओर बैठे थे। मेज के बीचों-बीच झामपोंग (Jjamppong - सीफ़ूड सूप) का एक बड़ा कटोरा रखा था, जिसका सूप गहरा लाल दिख रहा था।

Seo-jun की मम्मी: "YN, यह सीफ़ूड सूप ट्राई करो। इसमें थोड़ा तीखा स्वाद है।"

YN ने एक चम्मच सूप पिया। उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं—तीखापन उसकी जीभ पर बिजली की तरह लगा। उसने कसकर साँस ली, उसका चेहरा लाल पड़ गया।

YN: "यह... बहुत स्वादिष्ट है," (रुकी हुई आवाज़ में)
तभी मेज के नीचे, उसे अपने पैर पर एक तेज़ दबाव महसूस हुआ। Seo-jun ने अपने भारी जूते से YN के पैर के अँगूठे को दबा दिया था और चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान बना रखी थी।

YN कहाँ पीछे हटने वाली थी। उसने तुरंत अपना पैर घुमाया और Seo-jun की पिंडली (Shin) पर एक ज़ोरदार लात मारी। Seo-jun दर्द से छटपटा उठा, उसने अपनी चॉपस्टिक्स को कसकर पकड़ लिया। वह YN की तरफ़ झुका।

Seo-jun: "तुम खेल खेलना चाहती हो, छोटी डिज़ाइनर?" (धीमी फुसफुसाहट में)

YN: "मैं तुम्हें दिखाती हूँ कि खेल कौन खेल रहा है, के-पॉप स्टार।" (एक मीठी मुस्कान के साथ वापस फुसफुसाते हुए)
Seo-jun ने मेज के नीचे हाथ बढ़ाकर उसकी एड़ी पकड़ ली। YN ने नीचे हाथ करके Seo-jun की जाँघ पर इतनी ज़ोर से चुटकी काटी कि वह खुद हैरान रह गई।

Ji-hoon: "वहाँ सब ठीक तो है? Seo-jun, तुम ऐसे तड़प क्यों रहे हो?"

Seo-jun: "बस थोड़ा तीखा लग गया! यह... बहुत... तीखा है!" (खाँसते हुए)

YN की मम्मी: "तुम दोनों की बॉन्डिंग कितनी अच्छी हो रही है! देखो कैसे एक-दूसरे के करीब झुके हुए हैं!"

YN ने अपनी उँगलियों से Seo-jun की टाँग को एक आखिरी बार मरोड़ा और अपना हाथ पीछे खींच लिया। Seo-jun अपनी आँखों में एक जलती हुई आग लिए उसे घूरता रहा।

भाग 2: बालकनी पर बारिश का तूफ़ान

रात के बारह बजे तक पूरा घर शांत हो चुका था। मुंबई की उमस भरी हवा अब एक तेज़ और भयंकर बारिश में बदल चुकी थी। YN को नींद नहीं आ रही थी। तीस दिनों में शादी का विचार उसे एक जाल जैसा लग रहा था।

वह चुपचाप अपने कमरे से बाहर निकली। उसने कोई रोब (Robe) नहीं पहना था; उसने बस एक ओवरसाइज़्ड सफ़ेद शर्ट पहनी हुई थी जो उसकी जाँघों तक आ रही थी। उसने छत की बालकनी का भारी काँच का दरवाज़ा खोला। बारिश की बूँदें बालकनी की ग्रिल से टकरा रही थीं।
बारिश का पानी सीधे उसके ऊपर गिरा। ठंडे पानी ने पतली सफ़ेद शर्ट को पूरी तरह भिगो दिया, जिससे वह उसके शरीर से चिपक गई। YN ने अपना सिर पीछे की ओर झुकाया और आँखें बंद कर लीं। उसने हवा में भीगी मिट्टी की खुशबू को महसूस किया और बारिश में गोल घूमते हुए हँसने लगी।

Seo-jun: "तुम आखिर कर क्या रही हो?"

YN चौंककर पीछे घूमी। Seo-jun काले रंग की टी-शर्ट में दरवाज़े पर खड़ा था। उसकी आँखें YN को ऊपर से नीचे तक देख रही थीं।

YN: "मैं मौसम का मज़ा ले रही हूँ। तुम जाओ यहाँ से।"
Seo-jun हिला तक नहीं। वह धीरे-धीरे आगे बढ़ा, बारिश अब उसके कपड़ों को भी भिगोने लगी थी।

Seo-jun: "तुम्हें जुकाम हो जाएगा," (गंभीर आवाज़ में)

YN: "मुझे कोई परवाह नहीं।"

वह तीन लंबे कदमों में YN के बिल्कुल पास पहुँच गया। वह उसके सामने आकर रुक गया, उसकी छाती तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थी।

Seo-jun: "तुम ऐसे घूम नहीं सकतीं," (धीमी और भारी आवाज़ में)

YN: "क्यों? क्या महान सिओ-जून (Seo-jun) यह देखकर शर्मा रहे हैं?"

Seo-jun ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने अपना हाथ बढ़ाकर YN की बाँह को धीरे से लेकिन मज़बूती से पकड़ा और उसे अपने करीब खींच लिया, जब तक कि YN की भीगी हुई शर्ट उसकी छाती से नहीं टकरा गई।

Seo-jun: "मैं शर्मा नहीं रहा हूँ," (उसने फुसफुसाते हुए YN के होठों की तरफ़ देखा) "मुझे इस बात से जलन हो रही है कि तुम्हें इस हालत में देखने वाला मैं अकेला इंसान हूँ।"
YN: "जलन?"

Seo-jun: "हाँ, बहुत ज़्यादा। यह सोचकर ही मुझे गुस्सा आ रहा है कि कोई और तुम्हें इस शर्ट में देख सकता है।"

YN: "तुम एक के-पॉप आइडल के हिसाब से बहुत ज़्यादा ड्रामेटिक हो।" (साँस थामते हुए)

Seo-jun: "मैं इस वक्त कोई आइडल नहीं हूँ," (उसने हाथ बढ़ाकर YN की गर्दन के पिछले हिस्से पर रखा) "मैं बस एक ऐसा आदमी हूँ जिसे अपनी चीज़ें किसी और के साथ शेयर करना पसंद नहीं है।"

भाग 3: तेज़ बुख़ार और देखभाल

अगली सुबह जब YN की आँखें खुलीं, तो उसका सिर दर्द से फट रहा था और गला सूख चुका था। उसने उठने की कोशिश की, लेकिन उसे चक्कर आने लगा।
तभी उसके माथे पर एक ठंडी पट्टी रखी गई। Seo-jun उसके सिरहाने खड़ा था, उसके चेहरे पर फ़िक्र और चिढ़ दोनों साफ़ दिख रहे थे।

Seo-jun: "तुम्हें 102 डिग्री बुख़ार है।" (थर्मामीटर निकालते हुए)

YN: "मुझे थोड़ा... गर्म महसूस हो रहा है।" (बैठी हुई आवाज़ में)

Seo-jun: "तुम्हारा शरीर तवे की तरह तप रहा है, क्योंकि तुम्हें रात के तूफ़ान में बारिश का मज़ा लेना था।" (उसने चादर को YN के गले तक अच्छे से ओढ़ा दिया)

YN: "वह कोई जानबूझकर किया गया काम नहीं था!" (मुँह बनाते हुए)

Seo-jun: "जो भी था, शांत लेटी रहो। मैंने घर वालों से कह दिया है कि तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है, लेकिन वे हॉल में बैठकर तुम्हारी किस्मत का फैसला कर रहे हैं।"

YN: "मेरी किस्मत?"

Seo-jun: "हाँ, तुम्हारी शादी की तारीख।"
बाहर हॉल में, चाय की कड़क खुशबू और महंगे परफ़्यूम की महक फैली हुई थी।

YN के पापा: "शादी की तारीख 15 अगस्त ही रहेगी। भारत में यह आज़ादी का दिन है—एक नई शुरुआत के लिए इससे बेहतर दिन नहीं हो सकता।"

Seo-jun के पापा: "यह हमारे शेड्यूल के हिसाब से भी सही है। हम अगस्त के पहले हफ़्ते तक बाकी रिश्तेदारों को कोरिया से बुला लेंगे।"

YN की मम्मी: "शादी का मंडप और सजावट एकदम शानदार होनी चाहिए। एक फैशन डिज़ाइनर की शादी कोई मामूली नहीं हो सकती!"

वहीं खिड़की के पास, Ji-hoon और Tanvi खड़े थे।
Ji-hoon: "तुम्हारी बहन संभालना कोई आसान काम नहीं है।"

Tanvi: "YN बहुत इमोशनल है, वह सपनों की दुनिया में जीती है। मुझे हकीकत पसंद है।"

Ji-hoon: "और एक टॉप मॉडल के लिए हकीकत क्या होती है?"

Tanvi: "हकीकत का मतलब है कड़ी मेहनत, सख्त डाइट और ऐसे लोगों से दूर रहना जो समझते हैं कि वे मुझे एक नज़र में पढ़ सकते हैं।"

Ji-hoon: "मुझे नहीं लगता कि मैं तुम्हें पढ़ सकता हूँ, तन्वी। लेकिन मुझे कोशिश करने में दिलचस्पी है।"

Tanvi: "तुम्हें आए हुए सिर्फ चौबीस घंटे हुए हैं। तुम बहुत ज़्यादा ओवर-कॉन्फ़िडेंट हो।"

Ji-hoon: "यह हमारे ख़ानदान की आदत है। मेरे भाई को ही देख लो, वह YN के ऊपर गार्ड डॉग की तरह पहरा दे रहा है।"

भाग 4: ब्राइडल बुटीक (Bridal Boutique)

दोपहर तक YN का बुख़ार थोड़ा कम हुआ, तो Seo-jun उसे ज़बरदस्ती स्वेटर पहनाकर गाड़ी में बिठाकर कोलाबा के एक महंगे ब्राइडल बुटीक में ले आया।

YN: "मुझे इसमें घबराहट हो रही है!"

Seo-jun: "तुम बिल्कुल ठीक हो। मैं तुम्हें दोबारा बीमार पड़ते नहीं देख सकता।" (एक लाल रंग के लहंगे की तरफ़ इशारा करते हुए) "इसमें सोने का काम बहुत ज़्यादा है। इससे तुम्हारा चेहरा छिप जाएगा।"

YN: "मुझे यह गोल्ड वर्क पसंद आ रहा है!"

Seo-jun: "लेकिन मुझे नहीं पसंद। कोई ऐसा कपड़ा चुनो जिसमें तुम रानी जैसी लगो, लेकिन ऐसा भी न हो कि दुकान का हर आदमी तुम्हें ही घूरता रहे।"

YN: "जब तुम मेरी फ़िक्र करते हो, तो इतने चिड़चिड़े क्यों हो जाते हो?"

Seo-jun: "मैं चिड़चिड़ा नहीं हूँ, मैं बस परफेक्ट चीज़ें चाहता हूँ।"

YN: "तुम बहुत ज़िद्दी हो।" (उसके कंधे पर अपना सिर टिकाते हुए)

Seo-jun: "और तुम वो इंसान हो जो बारिश में भीगकर अपनी जान ज़ोखिम में डाल देती हो। अब हिसाब बराबर हुआ।"

दूसरी तरफ़, Tanvi और Ji-hoon गहने देख रहे थे। Ji-hoon ने चुपके से हाथ बढ़ाकर Tanvi के चेहरे पर आ रही बालों की लट को उसके कान के पीछे कर दिया।

Tanvi: "तुम यह क्या कर रहे हो?" (एकदम से रुकते हुए)

Ji-hoon: "तुम्हारे बालों में कुछ अटका हुआ था।"

Tanvi: "मैं अपने बाल खुद ठीक कर सकती हूँ।"

Ji-hoon: "मुझे पता है तुम कर सकती हो। लेकिन मैं करना चाहता था।"

Tanvi: "हम एक-दूसरे को जानते ही कितना हैं?"

Ji-hoon: "वक्त बस एक छलावा है। तुम्हें एयरपोर्ट पर देखते ही मुझे समझ आ गया था कि तुम इस शहर की सबसे ज़िद्दी लड़की हो। मेरे लिए इतना ही काफी है।"

Tanvi: "तुम बहुत घमंडी हो।"

Ji-hoon: "और तुम मुझसे इम्प्रेस हो रही हो।"

Tanvi: "मैं बिल्कुल नहीं हो रही!" (शर्माते हुए दूर चली गई)
सब लोग फिर से बीच में इकट्ठा हुए। YN ने एक हल्के आड़ू (Peach) रंग की साड़ी पहन रखी थी जिसे Seo-jun ने पास किया था।

YN की मम्मी: "15 अगस्त! हमारे पास तैयारी के लिए सिर्फ एक महीना है!"

Seo-jun के पापा: "मैं चाहता हूँ कि शादी का म्यूज़िक इंडियन और कोरियन गानों का मिक्स हो।"

Seo-jun: "तुम बहुत सुंदर लग रही हो। लेकिन यह साड़ी अभी भी थोड़ी पतली है।" (YN के कान में फुसफुसाते हुए)
YN: "क्या तुम कभी संतुष्ट होगे?"

Seo-jun: "जब हमारी शादी हो जाएगी और मैं तुम्हें एक ऐसे कमरे में बंद रख सकूँ जिसकी चाबी सिर्फ मेरे पास हो।"

YN: "उन दोनों को देखो। मुझे लगता है तुम्हारा भाई मेरी बहन को पटाने की कोशिश कर रहा है।" (चुपके से कहते हुए)

Seo-jun: "वह उसे पटा नहीं रहा है। वह बस यह समझ रहा है कि इस घर की लड़कियाँ कितनी ख़तरनाक हैं।"

YN: "ख़तरनाक?"

Seo-jun: "हाँ। तुम मुझसे ऐसे काम करवाती हो जो एक आइडल को शोभा नहीं देते... और यही सबसे ख़तरनाक बात है।"

YN शीशे के सामने एक मॉडर्न डिज़ाइनर लहंगे में गोल घूम रही थी, जिसकी चोली का कट थोड़ा मॉडर्न था।

Seo-jun: "इसे बदलो।" (भारी और गंभीर आवाज़ में)

YN: "क्या? क्यों? यह फैशन है, Seo-jun! मैं एक फैशन डिज़ाइनर हूँ, याद है न?"