जॉय को....
बातों में बहलाए हुए वह दौड़कर छत पर पहुंचता है और देखता है कि वह यहाँ से अपने बच्चे को नहीं बचा सकता है l इस वक़्त उसका बच्चा बहुत ही खतरनाक स्थिति में हैं .....
अगर जॉय थोड़ा सा भी हिम्मत हारता हैं और उसका हाथ राॅड से छूटता हैं तो वह सीधे तेज बहाव वाले नाले में गिर सकता है l
उसे अपने बच्चे को बचाने के लिए मैन प्रवेश द्वार से घूमकर जाने में 2 से 3 मिनट का समय लग सकता है l तब तक जॉय को किसी भी तरह खुद को संभालना होगा l
इस भयानक स्तिथि को भाँपते हुए वह सबसे पहले अपने बच्चे की हिम्मत बढ़ाते हुए कहता है -
बेटा तुम्हारे डैड तुम्हारे पास जल्द ही पहुंच जायेंगे और तुम्हें बचा लेंगे l तब तक तुम किसी तरह थोड़ी देर के लिए हिम्मत करो और खुद को सम्भाल लो मैं जल्दी ही वहां आकर तुम्हें बचाता हूँ l
रोते हुए -
हुम् ... हुss ... हुsss...हुम् ... हुss ... हुsss...
डैड मुझे बहुत डर लग रहा हैं...
बेटा आप हिम्मत करो...
तुम ऐसा कर सकते हो....
तुम तो मेरे बहादुर बच्चे हो न...
जॉय रोते हुए-
हुम् ... हुss ... हुsss...हुम् ... हुss ... हुsss...
हाँ डैड
शाबाश मेरे बच्चे .... बस तुम थोड़ा सा हिम्मत रखो.....
तुम तो मेरे बहादुर बेटे हो....
ये तो बस झुला झूलने जैसा हैं.....
बोलो हैं न......
जॉय - यस डैड.... फिर रोते हुए
हुम् ... हुss ... हुsss...
डैड प्लीज ....मुझे बचाईए मैं गिरने वाला हूँ
बेटा हिम्मत रखो मैं जल्दी ही तुम्हारे पास आ रहा हूं और तुम्हें बचा लूँगा l बोलकर वह वहाँ से तेजी से नीचे की ओर भागता है ,इतने में (छत की सतह पर काई ज़मी थी) उसका पैर फिसल जाता है और वह जोर से गिर जाता है जिस वज़ह से उसके घुटने में चोट लग जाती हैं और खून रिसने लगता है l
(वह समझ जाता है शायद जॉय के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा जिस वज़ह से वह काई से फिसल कर गिर गया और हल्का शरीर होने की वज़ह से वह खुद को सम्भाल नहीं पाया होगा और इस विकट स्थिति में फंस गया l )
वह परिस्थिती की गंभीरता को समझते हुए अपने चोट की परवाह किए बिना तेजी से सीढियों से भागता हुआ उतरता हैं सामने जो भी उसे काम की चीज़ दिखती है जो उसे उसके बच्चे को बचाने में सहायक है उसे लेकर बाहर दीवार की ओर भागता है, जैसे ही वह वहाँ पहुँचता हैं देखता है जॉय का हाथ राॅड से छूट गया वो नाले में गिरने वाला हैं, तभी तेजी से उसे बचाने के लिए भागता है और चिल्लाता हैं -
जॉयsssssss....
मेरे बच्चे ssss....
और तभी उसकी निंद खुल जाती हैं,
वह पसीने से पूरी तरह तरबतर हो गया है , डर और घबराहट से वह बुरी तरह काँप रहा हैं , उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा हैं l उसकी आँखों से झर झर आंसू बह रहे हैं l वह थोड़ा होश में आता है देखता है वह सोफ़े पर है ,फिर खुद को थोड़ा शांत करने की कोशिश करता हैं और अपने आप से कहता है - थैंक्स गॉड ! ये सिर्फ एक सपना था , पर बहुत बुरा सपना था , मेरी तो जान ही निकल गयी थी l
वह खुद को शांत करने की कोशिश करता हैं पर वह उस सपने का प्रभाव से नहीं निकल पा रहा था l
वह अपना पसीना और आँसू पोछते हुए बच्चों के कमरे की तरफ जाता है, दरवाज़ा खोलकर देखता है उसके दोनों बच्चे आराम से अपनी माँ के साथ सो रहें हैं, उन्हें सोता देख वो चैन की साँस लेता है और दरवाज़ा सटाकर हॉल में आता है l
वह मानसिक रूप से अब भी सपने से बाहर नहीं निकल पाया था l वह घड़ी की ओर देखता है तीन बज रहे हैं l वह मन ही मन सोचता है लोग कहते हैं भोर के सपने अक्सर ही सच हुआ करते हैं , काश ! यह झूठ हो और यह सिर्फ एक सपना हो l
अगले ही पल वह सोचता है यह सिर्फ एक सपना था पर फिर भी मैं अपने बच्चे के लिए कितना डर गया था ईश्वर करे हकीकत में ऐसा कुछ न हो नहीं तो मैं जीते जी मर जाऊँगा l
फिर ईश्वर से प्रार्थना करता हैं-
हे ईश्वर ! यह सपना सिर्फ एक सपना हो l
हे जीसस ! मेरे परिवार और मेरे बच्चों की रक्षा करना l
बोलकर वह खुद को शांत करने की कोशिश करता हैं और पानी की बोतल से पानी लेकर पीता हैं l
उस सपने की वज़ह से उसकी नींद उड़ चुकी थी l वह अब भी पूरी तरह खुद को समान्य नहीं कर पाया था l
वह बार-बार सोने की कोशिश करता है पर उसे नींद नहीं आती है उसका मन अब भी उस सपने की वज़ह से बैचैन था l
वह सोना छोड बाल्कनी में जाता है और वहीं आराम चेयर पर बैठ जाता है l भोर की शीतल हवा और चांद की शीतल रोशनी उसके मन को सुकून का ऐहसास दिलाती हैं l
सुबह के समय
बिस्तर में आधी नींद में, " लिल्सी .... लिल्सी ... कहाँ हो तुम ?
प्लीज़ कॉफी पिला दो ... स्वीट हार्ट l
थोड़ी देर तक उसे कोई जवाब नहीं मिलता तो वह फिर से आवाज देता है l
लिल्सी..... लिल्सी.... कहाँ हो .. स्वीट हार्ट.. सुन क्यों नहीं रही हो ?
जानने के लिए पढ़ते रहिए ...
" प्रहेलिका (एक तलाश) "