Beyond the Pages - 1 cat द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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Beyond the Pages - 1

घड़ी की टिक टिक आवाज आ रही थी। जिसके साथ ही फोन पर एक टिंग की आवाज आई।
जिसे सुन डेस्क पर बैठी उस लड़की ने एक गहरी सांस लेकर फोन उठाया ।


उस फोन पर कई मैसेज आए हुए थे 
" अनाहिरा चैप्टर कब अपलोड करेगी ? 

 " कुछ वक्त और फिर मैं चैप्टर अपलोड कर दूंगी। " मैसेज टाइप कर उसने सेंड कर दिया। और दोबारा से लैपटॉप पर काम करने लग गई।

वहीं खिड़की से आती हवाओं से पास ही रखी एक किताब के पन्ने उड़ रहे थे।

जिसपर लिखा था " अनाहिरा शर्मा 


5 फीट 2 इंच हाइट, गोरा रंग , सांचे में ढाला शरीर और इस सब के साथ उसकी हनी ब्राउन आंखे जो किसी शहद की धार से आती हुई रोशनी की तरह चमक रही थी। 
उसके लंबे बाल उस चेयर से जमीन को छूते हुएं लहरा रहे थे।

रात हो रही थी 12 : 10 मिनट हो रही थी। 
जिसे देख उस लड़की ने फोन देखते हुए लिखना शुरू किया।

की तभी लिखते लिखते उसके हाथ रुक गए और उसने अपनी मुस्कुराहट लिए लैपटॉप को देखते हुए कहा " काश तुम रियल वर्ल्ड में होते ....हाय " कहते हुए उसने आंखे बंद कर ली। जिसके साथ ही घड़ी में 12: 12 बज गए।

और कुछ ही देर में उस लड़की की आंख लग गई। उसकी लंबे बाल चेयर से लटक रहे थे 

अब आगे सुबह का वक्त, 

घड़ी के अलार्म के साथ अनाहिरा की आंख खुली ।  की तभी उसके सामने एक अजीब अनजाना चेहरा आया। जो उसे ही घूर रहा था । उसे देख अनाहिरा ने धीरे से अपनी पलके 2 बार झपकाई और उसकी आँखें हैरानी में बड़ी हो गई 

और एक जोरदार चीख के साथ वो उठ बैठी " आअआआ.....

जिसे देख सामने बैठा वो शख्स एक पल के लिए चिहुंक गया । 
वहीं अनाहिरा ने चिल्लाते हुए कहा " तुम...तुम कौन हो ? और मेरे घर में क्या कर रहे हो ? 

उसे इतना चिल्लाता देख उस लड़के ने कहा " पहले तुम मुझे बताओ तुम कौन हो ? और मैं यहां क्या कर रहा हूं।

उसकी बात सुन अनाहिरा की आँखें लगभग हैरानी में बड़ी हो गई और उसने गुस्से में अपने बाल एक तरफ करते हुए कहा " ये मेरा घर है तो मैं ही तो रहूंगी यहां । और दूसरी बात ये सवाल तो मै कर रही हु कि तुम कौन हो ? और क्यों हो मेरे घर में, वो भी इतनी सुबह सुबह ।

उसकी बात सुन उस लड़के ने लगभग अनाहिरा को घूरते हुए कहा " तुम्हे क्या लगता है कौन हु मैं ?? 

उसकी इतनी डॉमिनेटिंग आवाज सुन अनहिरा ने उसे एक नजर गौर से देखा।

" ब्लैक जींस विथ व्हाइट शर्ट जिसकी बाजुएं फोल्ड थी। पैरों में महंगे शूज़ और हाथ में एक इंपोर्टेड घड़ी , उसकी हाइट लगभग 6 फीट थी। और चॉकलेट आईज। जिनका सीधा निशाना अनाहिरा थी। 

उसके कपड़े कुछ गंदे थे। कई जगह खून के निशान और बाल बिखरे थे जो उसके माथे को छू रहे थे।

उसे देख न जाने क्यों अनाहिरा की आंखे रुक गई और दिमाग सुन हो गया।

उसके मन में एक ही बात आई " ये तो....ये तो मैने लिखा था । ये तो....मेरे कैरेक्टर के जैसे ....जो जो मैने लिखा था वो सब इसके पास क्यों है। " कहते हुए वो अपनी ही सोच में डूबी हुई थी।

की तभी उस लड़के ने फौरन अनाहिरा का हाथ पकड़ लिया। जिसे महसूस कर अनहिरा होश में आई ओर उसने एक बार फिर चिल्लाने के लिए मुंह खोला। की तभी उस लड़के ने उसे अपनी तरफ खींच कर उसके मुंह पर हाथ रख लिया।

और उसे गुस्से में घूरते हुए कहा " एक बार और अगर तुम चिल्लाई। तो मैं तुम्हे बोलने लायक नहीं रहने दूंगा। 
ये सुन अनहिरा की आवाज तो जैसे गले में ही दब गई और आंखे हैरानी ओर डर के मिले भाव से बड़ी हो गई।

उसे देख उस लड़के ने आगे कहा " अब जो कहोगी ....आराम से कहोगी। यूं गॉट इट....
उसकी बात सुन अनाहिरा ने अपना सर हा में हिला दिया।

जिसे देख उस लड़के ने अपना हाथ उसके चेहरे से हटाया।
जिसके साथ ही अनाहिरा ने धीरे से कहा " तुम कौन हो ?? 

उसकी बात सुन उस लड़के ने अनाहिरा को घूरते हुए कहा " मुझे नहीं पता मै यहां कैसे आया हूं....

ये जवाब सुन लगभग अनाहिरा की आंखे बाहर आने को हुई। और उसने एक बार फिर चिल्लाते हुए कहा " तुम्हे नहीं पता.... तुम सुबह सुबह मेरे घर में कैसे आए ?तुम क्या टेलीपोर्ट हो रहे हो ? या कोई आवारा कुत्ते हो जिसे कोई मेरे घर में छोड़ गया।

उसने अभी इतना ही कहा था कि तभी उस लड़के ने अनाहिरा को अपनी गुस्से से हुई लाल आंखों से देखते हुए कहा " तुम अपना मुंह बंद रखो.... समझी। 

उसकी बात सुन अनाहिरा ने कहा " नाआआआआआ .......
" कहते हुए वो चिल्लाकर फौरन चेयर पर खड़ी हो गई। क्योंकि उसकी ना सुन उस लड़के ने दोबारा उसे पकड़ना चाहा था। जिससे डर कर अनाहिरा ऊपर चेयर पर खड़ी हो गई।


6 फीट के उस लड़के के सामने 5 फीट 2 इंच की अनाहिरा चेयर पर खड़ी होकर भी उसके बराबर ही आ रही थी।

जिसे देख उस लड़के की चॉकलेट आईज अनाहिरा पर ही ठहर गई थी। लंबे बाल उसके चेहरे को छू रहे थे। वो अभी  अनाहिरा को ही गौर से देख रहा था कि तभी  अनाहिरा ने उसे अपने आप को यूं घूरता देख आगे कहा " तुम....तुम न मुझे ऐसे मत देखो...।

और हा मुझे अपना नाम बताओ.... आखिर कौन हो तुम । 
उसकी बात सुन उस लड़के ने एक गहरी सांस ली।
तो वहीं न जाने अनाहिरा के दिल से एक अजीब आवाज आई। 
" वो नाम मत लेना....।

जिसके साथ ही उस लड़के ने कहा " संयम राजवंशी.....
ये सुनते ही अनाहिरा की सांस जैसे रुक सी गई और उसके पैर लड़खड़ा गए जिससे वो चेयर से गिरने वाली थी कि तभी
2 मजबूत हाथों ने उसे होल्ड कर लिया।

खुद को सही सलामत पाकर  अनाहिरा ने ऊपर देखा तो वो संयम की बाहों में आधी झूल रही थी।
तो वहीं अब जाकर उसने संयम के चेहरे को इतने करीब से देखा ।

उसकी आंखे, चेहरे की बनावट और तो और बाल , बोलने का तरीका , आवाज सब से वो हैरान थी।
उसकी नजर सीधी संयम पर ठहरी थी। जो उसे ही देख रहा था। जिसे देख अनाहिरा ने अपनी ही खोई सुध में कहा " तुम बिल्कुल वैसे हो....जैसे मैने सोचा था.....।

ये सुन संयम की आंखे गहरी हो गई। और उसने एक टूक कहा " क्या.....?? 
और ये कहकर उसने फ़ौरन अनाहिरा को छोड़ दिया। जिससे वो सीधा जमीन पर गिरी। 
और उसके मुंह से एक जोर की आवाज निकली " आआआ......लग गई यार.... ऐसे कौन गिराता है। एटलीस्ट मुझे छोड़ने से पहले बता तो देते " कहते हुए उसने अपनी कमर पकड़ ली।

तो वहीं संयम ने उसके पास पंजों के बल बैठते हुए कहा " पैदा होते ही बोलने लगी थी क्या.....तुम आखिरी बार चुप कब रही थी ? 

ये सुन अनाहिरा ने उठते हुए कहा " केमिस्ट्री के वाइवा में.....।

उसकी बात सुन संयम ने भी खड़े होकर दांत पीसते हुए कहा " तुम .... " अभी उसने इतना ही कहा था कि उससे पहले ही अनाहिरा ने कहा " देखो तुम जो भी हो.....ये मजाक बहुत गंदा है। तुम जानते नहीं कौन हु मैं ? एक कॉल में तुम्हे अंदर करवा दूंगी " कहते हुए वो डेस्क की तरफ पलट गई 

और कहा " इसीलिए चुपचाप अपना ये प्रैंक बंद करो और निकलो मेरे घर से " कहते हुए जैसे ही वो पलटी....तो उसकी आँखें हैरानी से बड़ी हो गई।
क्योंकि सामने संयम उसके सिर पर गन और पॉइंट किए हुए खड़ा था 

जिसे देख अनाहिरा ने अपनी सांसे संभालते हुए कहा " जाने दो मुझे....
उसकी बात सुन संयम ने कहा " मैं नहीं जानता मै यहां कैसे ?? क्यों ??  और कब आया ??  ....समझी। 

इस वक्त मुझे हॉस्पिटल होना चाहिए था क्योंकि शायरा....को गोली लगी है।   
तो वहीं इतना सुनते ही अनाहिरा के हाथ रुक गए। और उसके मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला " शायरा......

फ्लैशबैक,

कल रात को,

अब आयेगा कहानी में ट्विस्ट ...क्या संयम शायरा को बचा पाएगा ....क्या शायरा मर जाएगी ..... और कौन था ??  वो जिसने शायरा पर गोली चलाई ये जानने के लिए पढ़ते रहिए.....मेरी नोवेल " कहते हुए अनहिरा खुश हो रही थी।

और उसने कहानी का चैप्टर खत्म करते हुए उसे अपलोड कर दिया । और एक गहरी सांस लेकर कहा " काश तुम रियल वर्ल्ड होते .......हाय....। 

फ्लैशबैक एंड,

अनाहिरा जैसे जम चुकी थी। उसके हाथ सुन्न हो गए थे। तो वहीं संयम की आंखे उस पर टिकी हुई थीं 
जिसे देख अनाहिरा ने धीरे से कहा " तो ये सच है.....तुम....जिंदा हो।

उसके आखरी लफ्ज़ सुन संयम ने उसे मार डालने वाली नज़रों से देखते हुए कहा " लेकिन अब तुम मरोगी...." कहते हुए उसने फिंगर ट्रिगर पर रख ली।

तो वहीं अनहिरा ने ये देख आंखे बंद कर ली।
जिसके साथ ही संयम ने गन चला दी।



क्या होगा आगे , क्या सच में दो दुनिया आपस में जुड़ चुकी है। और कैसे इस बात को समझेगा संयम , क्या वाकई अनाहिरा मर गई । जानने के लिए पढ़ते रहिए " Beyond the pages .....