Devil's सुंदर wife - 11 - फील द इमोशंस... Deeksha Vohra द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
  • The Mystery of the Blue Eye's - 6

    दरवाजा एक बुजुर्ग आदमी खोलता है और अपने चौखट के सामने नौजवान...

  • पागल - भाग 40

    भाग–४० मिहिर और निशी भी जल्दी राजीव के घर पहुंच गए । सभी राज...

  • जादुई मन - 15

    जैसे जाते हुए किसी व्यक्ति की गर्दन पर नजर जमाकर भावना करना...

  • द्वारावती - 34

    34घर से जब गुल निकली तो रात्रि का अंतिम प्रहर अपने अंतकाल मे...

  • डेविल सीईओ की मोहब्बत - भाग 6

    अब आगे, आराध्या की बात सुन, जानवी के चेहरे पर एक मुस्कान आ ज...

श्रेणी
शेयर करे

Devil's सुंदर wife - 11 - फील द इमोशंस...

एपिसोड 11 ( फील द इमोशंस )

अपनी मीटिंग के दौरान महक से बात कर माया जल्दी से वापिस इंडिया जानेका फैसला करती है | लेकिन रिया को समझनही आ रहा था, किउ इतनी इम्पोर्टेन्ट मीटिंग छोड़मय आखिर वापिस इतनी जल्दी इंडिया क्यों जाना चाहती थी ?
"चीफ क्या हुआ आप ?" रिया अभी कह ही रही थी, की महक का मैसेज आता है उसे | और फिर उस मैसेज को पड़ते ही, रिया को सब समझ आ जाता है की आखिर क्यों माया सब छोड़ कर इंडिया जाना चाहती थी |
हुआ कुछ ऐसा था, की महक ने माया को बताया था, की शिवम् दादा जी को हैरतटक आया है | और वो इस वक़्त हॉस्पिटल में थे | डॉक्टर्स का कहना है की शायद दादा जी के पास अब ज़्यादा टाइम नहीं है | महक की बातें सुन माया को पहली बार अपने दिल में दर्द महसूस हुआ | ये एक अजीब सी फीलिंग थी, जिसे माया व्यक्त नहीं कर पा रही थी | इस बात से माया को खुद पर बहुत गुस्सा आ रहा था |
माया अपने माता पिता की मौत के वक्त भी परिवार के साथनहीं थी | और इस बात का माया को बहुत दुःख था , और माया अपने दादा जी के बिना ज़िन्दगी जीने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी | माया ने कभी भी अपने दादा जी से ये नहीं खा था की वो उनसे बहुत प्यार करती है | क्यूंकि माया को प्यार का कांसेप्ट कभी समझ ही नहीं आया | लेकिन माया इतना तो जानती थी, की वो दिन रात इतनी म्हणत करती है | वो इसमकाम तक पहुंची है | और ये सब माया ने अपने दादा जी के लिए ही किया है |
अमेरिका में अचानक से हड़कंप मच गया था | क्यूंकि पूरे शहर में लॉक डाउन लग गया था | सभी लोगों से खा गया था, की शांति रखें | कोई वीआईपी है, जिसे जल्दी कहीं जाना है इसलिए शहर में लॉक डाउन लगा है | माया के लिए तो अमेरिका कुछ भी करने को त्यार होता था | आखिर माया की इतनी म्हणत आज काम आई |
एयरपोर्ट जाते हुए रिया ने फ्लिटकि टिकट्स भी बुक कर दीं थी | माया जल्द से जल्द इंडिया पहुंचना चाहती थी | उसे डर था, की वो अपने दादा जी को इस बार खो देगी | और ये ख्याल माया को बहुत ज़्यादा परेशान कर रहा था | इतने साल हो गए थे रिया को माया के साथ काम करते हुए, लेकिन उसने आज तक अपनी चीफ को इतना परेशान नहीं देखा था | और आज रिया कुचोर भी देख पा रही थी, माया की आँखों में आंसू | हाँ माया को भी समझनही आ रहा था, की उसकी आँखें बार बार नाम क्यों हो रही थी |
शायद ये इसलिए, क्यूंकि चाहे माया कुछ माने या ना माने , लेकिन वो सच में दादा जी से बहुतप्यार करती थी | इतना, की उन्हें खोने के एक खयाल ने माया को पहली बार रुला दिया था |
लेकिन एयरपोर्ट पहुंचते ही माया को पता चलता है की अगले दो दिनों तक इंडिया जाने वाली हर फलईट केन्सिल कर दी गई है | इस बात से माया को गुस्सा आ रहा था | अपनी चीफ के चेहरे पर अब गुस्सा देख रिया एक बार फिर हैरान हो गई | क्यूंकि माया ने आज तक कभी भी गुस्सा भी नहीं किया था | हर बार ऐसा होता था, की माया की जगह रिया को सारे इमोशंस फील करने पड़ जाते थे |
लेकिन आज रिया को जहाँ ख़ुशी थी की माया कुछ फील कर रही थी, वहीँ माया परेशान थी | लेकिन कुछ ही देर में माया ने जल्दी से अपना चॉपर मंगवाया और इंडिया के लिए रिया के साथ रवाना हो गई |
वहीँ हॉस्पिटल में महक अभी भी थोड़ा परेशान थी | हालाँकि महक शिवम् मल्होत्रा की अडॉप्टेड चाइल्ड थी, एल्कीन शिवम् ने महक को इतना प्यार दिया था जितना कोई अपनी सगी औलाद को नहीं दता | महक ने अपने सगे माबाप को खो दिया था, और अब जब वो अपनी ज़िन्दगी में थोड़ा खुश थी, तो येसब हो गया | महक सोच भी नहीं सकती थी, की अगर शिवम् को आज कुछ हो जाए , तो वो क्या करेगी ? महक अपने पिता से बहुत प्यार करती थी | इतना की सिर्फ अपने पिता का ख्याल रखने के लिए महक ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था |
महक की डॉक्टर की पढ़ाई ख़तम हो गई है | लेकिन अभी तक उसका लाइसेंस नहीं आया था | वर्ण आज वो खुद अपने पिता का इलाज कर रही होती | इस बात पर महक को बहुत गुस्सा आ रहा था | लेकिन तभी वॉर्ड में डॉक्टर्स आते हैं , और महक से कुछ कहते हैं | जिसे सुनते ही महक लगभग बेहोश होती हुई बची थी |
आखिर डॉक्टर्स ने महक से ऐसा क्या खा था ? क्या मिस्टर मल्होत्रा बच पाएंगे ? और क्या माया अपने दादा जी के पास समय पर पहुंचेगी ?
जानने के लिए बने रहिये मेरे साथ |