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    सबरीना - 27
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (27) ‘दस दिन यहां रहेंगे, बीस से बलात्कार करेंगे’ सबरीना ने लड़कियों को तीन हिस्सों में बांटा। सबसे पहले उन लड़कियों को पहचाना गया जो 18 साल से ...

    नारीयोत्तम नैना - 4
    by Jitendra Shivhare Verified icon
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    नारीयोत्तम नैना भाग-4 "लेकिन तुम्हारी सफलता में रक्षंदा का हाथ है इससे तुम इंकर नहीं कर सकते।" नूतन बोली। "निश्चित ही मैं आज जो कुछ भी हूं वह रक्षंदा ...

    आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय १०.
    by DILIP UTTAM
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    -----अध्याय १०."काहे की स्वतंत्रता/नाम मात्र की स्वतंत्रता|"-----   पुरुष कहीं भी घूम सकता, कभी भी घूम सकता है, रात-बिरात कभी भी परंतु नारी नहीं घूम सकती| वह भी पुरुषों ...

    फ़ैसला - 10
    by Rajesh Shukla
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    फ़ैसला (10) इस तरह से धीरे-धीरे दो दिन का समय भी बीत गया। सबेरे-सबेरे ही उठकर सिद्धेश ने एडवोकेट खन्ना और अपने अभिन्न मित्र डा. के.डी. से सुगन्धा को ...

    सबरीना - 26
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (26) दानिकोव काफी अदब से मिला जारीना ने डा. मिर्जाएव को गेट की ओर देखने का इशारा किया। वे अभी तक उनींदे-से लग रहे थे, लेकिन गेट की ...

    नारीयोत्तम नैना - 3
    by Jitendra Shivhare Verified icon
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    नारीयोत्तम नैना भाग-3 "अरे ऐसा नहीं है रे! मेरे जैसी बहुत सी लड़की उनके आगे पीछे घूमती है।" नैना ने बताया। "तुझे कैसे पता?" नूतन ने आश्चर्य से पुछा। ...

    फ़ैसला - 9
    by Rajesh Shukla
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    फ़ैसला (9) देर रात में सोने के बाद भी सिद्धेश सबेरे 8 बजे ही उठ गया। उसने सबसे पहले सुगन्धा के कमरे को जाकर देखा। वह नहाकर आते हुए ...

    सबरीना - 25
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (25) मेरे साथ हिन्दुस्तान चलो सबरीना! ’प्रोफेसर तारीकबी मुझे ले तो आए, लेकिन एक दिन मैं वहां से भाग निकली। मुझे लगा, मैं शराब और सैक्स की आदी ...

    आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय ९.
    by DILIP UTTAM
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    ----अध्याय ९."जरा सी गलती माफ नहीं |"-----   जरा सी बात पर पत्नी पर हाथ उठाना, गाली देना, क्रोध करना कहां तक जायज है? सब्जी में मिर्च ज्यादा हो ...

    सबरीना - 24
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (24) ‘हर रोज शराब, हर रोज नए देहखोर, नए ठिकाने।‘ प्रोफेसर तारीकबी हमेशा के लिए विदा हो गए थे। हर कोई उनसे जुड़ी स्मृतियों का जिक्र कर रहा ...

    नारीयोत्तम नैना - 2
    by Jitendra Shivhare Verified icon
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    नारीयोत्तम नैना भाग-2 निश्चित ही यह अति संवेदनशील और दो धारी तलवार के समान परिणाम देने के जैसा कार्य था। 'नैना की ट्यूशन में बच्चें अधिक बिगड़ैल हो गये ...

    उसका आकाश धुँधला है.....
    by Sudha Om Dhingra
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    उसका आकाश धुँधला है..... सुधा ओम ढींगरा वर्षों पहले उन दोनों ने कुछ निर्णय लिए थे और एक दूसरे को पत्र लिखने का बचन दिया था। जिसे वे ईमेल ...

    आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय ८
    by DILIP UTTAM
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    आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा)-अध्याय ८. पति का सर दर्द ,पैर दर्द ,शरीर दर्द हो तो पत्नी दबाये कुछ लोगों की इतनी आदत पड़ जाती है कि बिना दर्द ...

    फ़ैसला - 8
    by Rajesh Shukla
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    फ़ैसला (8) आज सबेरे ही मुझे बहुत अजीब लग रहा था। दिल में रह रहकर घबड़ाहट होने लगती थी। ऐसा होने पर सीना पकड़ कर जब मैं बैठ जाती ...

    सबरीना - 23
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (23) ‘सुनो सबरीना! कब्रें खोदने का फितूर ना पालो‘ रात गहरा गई थी। हर रोज से ज्यादा काली और डरावनी लग रही थी। हर कोई चुप बैठा था, ...

    नारीयोत्तम नैना - 1
    by Jitendra Shivhare Verified icon
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    नारीयोत्तम नैना भाग-1 "क्या मैं जान सकता हूं आपको पोलिटीशियन से क्या परेशानी है? आपको उनसे दिक्कत क्या है?" एमएलए जितेंद्र ठाकुर ने नैना से पुछा। "पोलिटीशियन झुठ बहुत ...

    फ़ैसला - 7
    by Rajesh Shukla
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    फ़ैसला (7) आंख खुली तो फिर दूसरे दिन की सुबह, भास्कर देव नीले आसमान में अपनी स्वर्णिम आभा बिखेरते हुए। एक किरण को शायद आदेशित उन्होंने ही किया होगा। ...

    सबरीना - 22
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (22) प्रोफेसर तारीकबी चले गए..... प्रोफेसर तारीकबी की हालत काफी खराब थी। उनकी सांसें रुक-रुक कर चल रही थीं। दानिश को अभी होश नहीं आया था और डाॅ. ...

    आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय ७
    by DILIP UTTAM
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    ----अध्याय ७."अंश पर ही अधिकार नहीं |"-----   बच्चे कितने पैदा करना है, यह भी ज्यादातर पुरुष ही निर्णय लेता हैं क्यों? या घर वाले निर्णय लेते हैं क्यों? ...

    गिद्ध - 2
    by Divya Shukla
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    गिद्ध (2) बस क्लच उठा कर बाहर निकल ही रही थी कि काशी ने आकर कहा ‘’दीदी गाडी लग गई है। रात को क्या बनाऊ? या आप बाहर खायेंगी?” “मुझे नहीं ...

    सीजीरियन बच्चा
    by Shakuntala Sinha
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      कहानी - सिजेरियन  बच्चा     “ छाया कहाँ है , उसे जल्दी से बुलाओ  . “ वर्माजी ने पत्नी उमा को फोन पर कहा  “ क्या बात है ...

    सबरीना - 21
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (21) बर्फ पर खून की लंबी लकीर खिंच गई सबरीना लगातार चीख रही थी और दौड़कर खाई की ओर जाने की कोशिश करने लगी ताकि नीचे गिर रहे ...

    अनुगूँज
    by Sudha Om Dhingra
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    अनुगूँज सुधा ओम ढींगरा तापमान इतना गिर गया कि बारिश बर्फ़ बन कर बरस रही है। रुई जैसी नहीं, शीशे जैसी। उसके लिए यह सब अचम्भित करने वाला है। ...

    आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय ६
    by DILIP UTTAM
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    -----अध्याय ६."मेरा भी वजूद है |"-----   पुरुष जाति, नारी जाति को कमजोर क्यों समझता है? पुरुष जाति यह गलतफहमी में क्यों है, कि नारियां कमजोर होती है? क्या ...

    बात बस इतनी सी हुई
    by Ashish Dalal
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    रात के डेढ़ बज रहे थे । घर के सभी दरवाजे खिडकियां बंद होने के बावजूद पलंग से नीचे फर्श पर पैर रखते ही उर्मिला जिज्जी के पूरे बदन ...

    सबरीना - 20
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (20) सबरीना चीखी, प्रोफेसर तारीकबी... सुशांत को फिसलने से बचाने की कोशिश में जारीना औंधे मुंह जा गिरी और केबल कार उसकी पीठ से रगड़ खाती हुई आगे ...

    अनचाही
    by Pallavi Saxena
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    यह कहानी एक स्त्री की कहानी है। वह स्त्री जो अपने घर परिवार के लिए अपना सारा जीवन होम कर देती है और बदले में क्या पाती है अपमान ...

    गिद्ध - 1
    by Divya Shukla
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    गिद्ध (1) नवम्बर का आखिरी हफ्ता चल रहा था और हवा में हल्की सी खुनकी तैरने लगी थी। अभी ठंड आई तो नहीं थी पर मौसम बहुत खूबसूरत था। ...

    सबरीना - 19
    by Dr Shushil Upadhyay
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    सबरीना (19) जारीना ने सुशंात को खींचा... सबरीना और सुशांत की चुप्पी के बीच में डाॅ. साकिब मिर्जाएव के खर्राटे बार-बार बाधा बन रहे थे। डाॅ. मिर्जाएव मुंह खोलकर ...

    आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय ५
    by DILIP UTTAM
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    ----- अध्याय ५."मैं पराई जो हूं|"-----   शादी पर लड़की की रजामंदी न लेना क्या उचित हैं? शादी लड़की की पसंद का न करना क्या सही है? लड़के शादी ...