हिंदी महिला विशेष किताबें और कहानियां मुफ्त पीडीएफ

    शुभसंकल्प
    by Amita Joshi
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    "दीदी मैं दो दिन के लिए आपके पास रहने के लिए आना चाहती हूं",मीतू ने मुझसे फोन पर कहा ।उन दिनों मैं महाविद्यालय के कार्यों में कुछ अधिक व्यस्त ...

    मैं सच नहीं बोलूँगी.!
    by Pranav Vishvas
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    तेज़ बिजली की कड़कड़ाहट से मेरी नींद टूट गई, खैर बड़ी मुश्किल से आई थी मैं बिस्तर पर उठकर बैठ गई, साथ वाले तकिए को देखा जों सूना पड़ा ...

    अब और नहीं
    by Priya Vachhani
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    नेहा जल्दी-जल्दी तैयार होने लगी। साड़ी ठीक करते हुए माथे पर मैचिंग बिंदी लगाई, खुद को आईने में दाएं-बाएं देखकर पर्स उठा बाहर किचन की तरफ आ गई "कितनी देर ...

    आत्मसम्मान
    by Saroj
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    मम्मी जीजा जी का फोन आया है।" " तू बात कर मैं अभी आई । " नहीं मम्मी कह रहें हैं जरूरी बात करनी है आपसे जल्दी आओ।" यह ...

    एक कदम आत्मनिर्भरता की ओर...6
    by डॉ अनामिकासिन्हा
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    कुछ दिन गुज़र गए। पंचवटी की एक ही लता कम हुई थी लेकिन पंचवटी के बाकी पौधे मुर्झाये लगे थे। बेजान, नीरस, अजीब सा सूनापन बिखरने लगा था। परीक्षा ...

    गूंगी बहू
    by Saroj
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    गूंगी बहूहंसमुख और बातूनी चंचल को आज लड़के वाले देखने अा रहे थे तो उसकी मां ने उसे हिदायत देते हुए समझाया " देख चंचल वो लोग जितना पूछे ...

    एक कदम आत्मनिर्भरता की ओर - 5
    by डॉ अनामिकासिन्हा
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    सौम्या, रमा, पूनम, रंजना नूतन एक ही college की छात्रा थीं। चारो चार जिस्म एक प्राण, हर जगह साथ जातीं,  साथ घुमतीं तस्वीर खिंचवाती....  कभी-कभी तो शरारत ऐसा करतीं ...

    अब नहीं सहुगी...भाग 15
    by Sayra Khan
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    शैली नूर के गले लिपट कर ज़ार ज़ार रोती रही lऔर कहा lनूर तू साथ है तो में अब नहीं सहुगी ओर अनुज की कम्पलेन करुंगी पुलिस स्टेशन जाकर ...

    अब नहीं साहूगि...भाग 14
    by Sayra Khan
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    मेरी इस कहानी से किसी को कोई ठेस पहुंची हो तो माफी चाहती हूं लेकिन मेरी ये कहानी सिर्फ ओर सिर्फ गलत के खिलाफ आवाज उठाने की है क्यू ...