Trisha - 34 book and story is written by vrinda in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Trisha - 34 is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. त्रिशा... - 34 vrinda द्वारा हिंदी महिला विशेष 111 Views Writen by vrinda Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण त्रिशा अपने ही अंदर गूंज रही और आपस में एक दूसरे से लड़ रही उन दोनों आवाजों को सुन सुन कर और भी असमंजस में पड़ती जा रही थी। उसे समझ नहीं आ रहा कि वह क्या फैसला करे। वो राजन को जो उसने उसके साथ जानवरों सा सलूक किया उसके लिए माफ कर दे या नहीं????? त्रिशा काफी देर तक अपनी उलझन में उलझी रही पर उसे कुछ समझ नहीं आया। और सबसे बड़ी बात की राजन वहीं उसके पास बैठा ऐसे दोषी की तरह देख रहा है जिसे भरी अदालत अपनी सजा की सुनवाई का इंतजार हो।वो एकटक Novels त्रिशा... यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ... More Likes This दो पतियों की लाडली पत्नी - 7 द्वारा Sonam Brijwasi लाल दाग़ - 1 द्वारा ARTI MEENA मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 1: निर्वस्त्र द्वारा Varun इस घर में प्यार मना है - 6 द्वारा Sonam Brijwasi चंदेला - 3 द्वारा Raj Phulware फूल की किस्मत - 1 द्वारा KANKSHA VASNIK जहरीला घुंगरू - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी