कहानी "ख्वाबो के पैरहन" के पार्ट 9 में, अब्दुल्ला ने स्वादिष्ट सींक कबाब बनाए हैं और शहनाज़ बेगम ने खास सॉस तैयार की है। ताहिरा, जो अब कोठी के रीति-रिवाजों में ढल चुकी है, शाहजी के इंतज़ार में अपनी तैयारी करती है। वह जानती है कि शाहजी का पहला हक बड़ी बेगम का है और अपनी उदासी को फूफी के लिए छुपा कर रखती है। शाम की चाय के दौरान, सभी लोग एकत्रित होते हैं और माहौल खुशनुमा होता है। ताहिरा सुंदर कपड़ों में सजती है, लेकिन जब शाहजी आते हैं, तो वह बड़ी बेगम के आदेशों के कारण नाश्ते से पहले ही उठ जाती है। शाहजी का ध्यान ताहिरा की ओर होता है, लेकिन बड़ी बेगम के आदेश और घरेलू कार्यों में उलझे होने के कारण उनका ध्यान नहीं बनता। ताहिरा उदास होकर नाश्ता खत्म कर देती है और चलने की अनुमति मांगती है। बड़ी बेगम की बातों से ताहिरा का मन बुझ जाता है, और वह महसूस करती है कि उसकी उदासी सबको प्रभावित करती है। फूफी भी ताहिरा की चिंता करती हैं, लेकिन शाहजी की उपस्थिति और उनकी दिनचर्या के कारण ताहिरा का मन और भी भारी हो जाता है। कहानी इस भावनात्मक जद्दोजहद और पारिवारिक रिश्तों के ताने-बाने पर केंद्रित है। ख्वाबो के पैरहन - 9 Santosh Srivastav द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 13.7k 3.9k Downloads 9.2k Views Writen by Santosh Srivastav Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अब्दुल्ला ने खूब मन लगाकर सींक कबाब बनाये थे साथ में प्याज़ के बारीक लच्छे और टमाटर की सॉस! शाहजी को मीठी सॉस पसंद न थी सो शहनाज़ बेगम अपने हाथों चटपटी स्पेशल सॉस बनाती थीं धीरे-धीरे ताहिरा कोठी के संस्कारों की अभ्यस्त हो चुकी थी हालाँकि, प्रतिदिन वह शाहजी के इंतज़ार में अपने को सँवारती थी लेकिन कभी सूनी उदास शामें भी गुज़र जातीं तो उसे बुरा नहीं लगता वह जानती थी, शाहजी का पहला हक बड़ी बेगम का है वह यह भी जानती थी कि उसकी उदासी फूफी को तोड़ देती है..... Novels ख्वाबो के पैरहन चूल्हे के सामने बैठी ताहिरा धीमे-धीमे रोती हुई नाक सुड़कती जाती और दुपट्टे के छोर से आँसू पोंछती जाती अंगारों पर रोटी करारी हो रही थी खटिया पर फूफी अ... More Likes This Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी