इस कहानी में अनीता अपनी माँ शारदा से मिलने आई है, जो ICU में भर्ती हैं। अनीता को पता चलता है कि माँ सो रही हैं और वह जल्दी बाहर जाना चाहती हैं। जब अनीता माँ को जगाती हैं, तो माँ कहती हैं कि वह भगवान से मिलने गई थीं। माँ की तबीयत खराब होने के बावजूद, वह आलू पूरी खाने की इच्छा व्यक्त करती हैं। दो दिन बाद, माँ शारदा का निधन हो जाता है, जो कि एक गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। शारदा का परिवार प्यार से भरा हुआ है, जिसमें उनकी छोटी बहन लक्ष्मी और तीन भाई शामिल हैं। शारदा ने कठिन परिस्थितियों में भी परिवार की देखभाल की और अपने बच्चों को शिक्षा देने की कोशिश की। उनका जीवन भारत में सिख-विरोधी दंगों के दौरान भी संघर्षपूर्ण रहा। कहानी शारदा की समर्पण और परिवार के प्रति उनके प्यार को दर्शाती है। शारदा माँ Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 42.5k 2.2k Downloads 12.2k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वास्तव में शारदा माँ सरस्वती का ही एक स्वरूप थी, निडर साहसी एवं आत्मविश्वास से परिपूर्ण अपने जीवन के हर क्षेत्र में सफल रही यहाँ तक कि अपने आखिरी समय में भी वे यही कह रही थी कि मुझे भगवान से मिलने जाना है More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी