यह कहानी रांचलपुर गाँव की है, जहाँ सुरमलजी की बेटी रूपा की शादी हो रही है। गाँव में उत्सव का माहौल है, लेकिन सुरमलजी ने अपने पुराने दुश्मन शोखिलाल को आमंत्रित नहीं किया। मंडप सजाया गया है और सभी गाँववाले शादी में शामिल हो रहे हैं। रूपा दुल्हन बनी खूबसूरत लग रही है, और उसे विदा करते समय सुरमलजी की आँखों में आँसू हैं। रामु, जो रूपा से प्रेम करता है, बिना निमंत्रण के शादी की एक झलक देखने आता है। उसकी खुशी अब किसी और के हाथों में है, और वह उदास है। शाम को, पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर रामु अपने अतीत में खो जाता है। कहानी में यह भी बताया गया है कि गाँव में दो शाहूकार हैं, जो धीरे-धीरे जमीनदार बन गए हैं - एक रामु के पिता शोखिलाल और दूसरा रूपा के पिता सुरमलजी। यह पुरानी दुश्मनी और प्रेम की कहानी, गाँव के सामाजिक ढांचे को भी उजागर करती है। पिया रे... Krunal jariwala द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4k 1.9k Downloads 8.6k Views Writen by Krunal jariwala Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दिल को छू लेने वाली एक प्रेम कहानी, रामु और रूपा के प्रेम की एक गाँव की कहानी। रामु एक नजर में रूपा की हंसी से घायल हो जाता हैं और आगे कहानी में देखेंगे...... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी