"रंगभूमि" के अध्याय 7 में संध्या का समय है और सर्दी के मौसम का प्रभाव महसूस किया जा रहा है। ठंडी हवा और कुहरे के बीच, लोग अपने घरों में सिकुड़कर बैठते हैं। सूरदास, जो एक अंधा व्यक्ति है, अपने विचारों में डूबा हुआ है और उसे अपनी जमीन के खोने का डर सताता है। उसके मन में यह ख्याल आता है कि उसने अपनी जमीन का इतनी मेहनत से ख्याल रखा है, लेकिन अब सब कुछ खोने का भय है। उसकी इच्छा है कि वह यहां एक कुआँ और मंदिर बनवाए, ताकि उसकी यादें कायम रहें। नायकराम, जो उसका मित्र है, उसे ढाढ़स देता है और आश्वासन देता है कि उसकी जमीन को कोई नहीं निकाल सकेगा। सूरदास की चिंता के बीच, नायकराम उसे घर चलने के लिए कहता है। तभी एक गाड़ी की आवाज सुनाई देती है और फिटन रुकती है, जिसमें चतारी के राजा साहब उतरते हैं। सूरदास आगे बढ़कर उनका अभिवादन करता है, जिसमें उसकी स्थिति और समाज में उसके स्थान की झलक मिलती है। यह अध्याय सूरदास की मानसिक स्थिति और उसके आस-पास की सामाजिक परिस्थितियों को उजागर करता है। रंगभूमि अध्याय 7 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 9.6k 5.3k Downloads 13.5k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षमता रखता है। रंगभूमि के कथानक में अनेक रंग-बिरंगे धागे लिपटे हुए हैं। उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन और साथ ही, एक ग्राम सेवक का ईसाई परिवार है, जो गांव के चारगाह पर सिगरेट का कारखाना लगाने के लिए अधीर है। अनेक धनी व्यक्ति हैं, जिनके बीच अगणित अन्तर्विरोध हैं - लोभ, ख्याति की लालसा और महत्त्वाकांक्षाएं। महाराजा हैं, उनके अत्पीड़न के लिए रजवाड़े हैं। उपन्यास का घटनाचक्र प्रबल वेग में घूमता है। कथा में वेग और नाटकीयता दोनों ही हैं। Novels रंगभूमि ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षम... More Likes This जिनीयस - 1 द्वारा Vijay रंक से राजा: साहस और आत्मविश्वास का खेल - 3 द्वारा Jai कुत्रिम बुद्धिमता - 1 द्वारा Ramesh Desai The Legend Of Divyanshi - 1 द्वारा साहिल कैंथला अनकहा सच ( भाग - 1) द्वारा Vishakha Pareek कुदरत का कानून..- 2 द्वारा shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी