यह कहानी नागपुर में एक दूरसंचार अभियंता के प्रशिक्षण के दौरान की है। कहानी का मुख्य पात्र एक छात्र है जो अपने हॉस्टल से डाकघर जाने के लिए अक्सर आता-जाता है। वहाँ, वह एक वायरलेस ऑपरेटर देवेंद्र को देखता है, जो पोस्ट मास्टर से मनीऑर्डर को लेकर बहस कर रहा है। देवेंद्र एक गलत पते पर मनीऑर्डर करने पर अड़ा हुआ है, जबकि पोस्ट मास्टर उसे सही पता लिखने के लिए कहता है। देवेंद्र को बताया जाता है कि मनीऑर्डर 25 तारीख तक वापस आ जाएगा, और उसे यह जानकर खुशी होती है, क्योंकि वह यही चाहता है। वह बताता है कि वह अपने वेतन में से 200 रुपये मनीऑर्डर करना चाहता है, जो उसे 25 तारीख को वापस मिलेगा। यह सुनकर मुख्य पात्र हैरान हो जाता है क्योंकि देवेंद्र का यह तरीका अनोखा है। और मनी ऑर्डर वापस आ गया Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी पत्रिका 38.6k 2.9k Downloads 8.8k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण इसमे दो कहानियाँ है, पहली एक वायर्लेस ऑपरेटर की है जिसमे अपने वेतन को पूरे महीने चलाने के लिए गलत मनी ऑर्डर भेजता है जो उसे 22 तारीख को वापस मिलता है और उसके बाकी के दिनों का खर्चा चल जाता है और दूसरी दूसरी एक काल्पनिक कहानी है जिसमे एक बच्ची सपने मे सौर मण्डल की सैर करती है More Likes This Rajkumar - 2 द्वारा Ram Make Hero - 8 द्वारा Ram Make Star Sentinals - 1 द्वारा Ravi Bhanushali Vulture - 1 द्वारा Ravi Bhanushali नेहरू फाइल्स - भूल-85 द्वारा Rachel Abraham इतना तो चलता है - 3 द्वारा Komal Mehta जब पहाड़ रो पड़े - 1 द्वारा DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी