"रंगभूमि" के दूसरे अध्याय में सूरदास एक गरीब व्यक्ति है जो अपने घर लौटते समय समाज के बड़े लोगों की स्वार्थपरता के बारे में सोचता है। वह उन लोगों की आलोचना करता है, जिन्होंने उसे पहले नीचा समझा और अब जब उन्हें उसकी जमीन का पता चला, तब वे उसकी कृपा के लिए लालायित हैं। वह अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देने का दृढ़ निश्चय करता है। सूरदास जब अपने घर पहुँचता है, तो उसे अपनी साधारण झोपड़ी और गरीब जीवन की स्थिति का सामना करना पड़ता है। उसके पास बहुत सीमित संसाधन हैं; न बिस्तर, न बर्तन, केवल कुछ मिट्टी के बर्तन और अनाज होते हैं। वह अपने जीवन की सारी कमाई को बेहद सावधानी से छिपाता है और चूल्हा जलाकर अपनी भोजन बनाने की प्रक्रिया में लग जाता है। खिचड़ी बनाते समय उसके मन में संतोष की मिठास होती है, जो उसके जीवन के कठिनाइयों के बावजूद उसके मन में आशा और प्रेम का प्रतीक है। सूरदास की यह कहानी उसकी संघर्ष, गरिमा, और जीवन के प्रति उसके प्रेम को दर्शाती है। रंगभूमि अध्याय 2 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 24k 9.5k Downloads 21.1k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षमता रखता है। रंगभूमि के कथानक में अनेक रंग-बिरंगे धागे लिपटे हुए हैं। उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन और साथ ही, एक ग्राम सेवक का ईसाई परिवार है, जो गांव के चारगाह पर सिगरेट का कारखाना लगाने के लिए अधीर है। अनेक धनी व्यक्ति हैं, जिनके बीच अगणित अन्तर्विरोध हैं - लोभ, ख्याति की लालसा और महत्त्वाकांक्षाएं। महाराजा हैं, उनके अत्पीड़न के लिए रजवाड़े हैं। उपन्यास का घटनाचक्र प्रबल वेग में घूमता है। कथा में वेग और नाटकीयता दोनों ही हैं। Novels रंगभूमि ‘रंगभूमि’ उपन्यास का केन्द्र बिन्दु है - दैन्य और दारिद्र्य में ग्राम समाज का जीवन ‘रंगभूमि’ का नायक सूरदास जनहित के लिए होम होने की विचित्र क्षम... More Likes This BLAST - EPISODE 2 द्वारा Muhib Khan Just A Power System - 1 द्वारा Sam khan BLACK MONKEY - THE UNYIELDING - 1 द्वारा MK Tiger SHADOW KING - 1 द्वारा chetan chaware पिंकू की परी - 2 द्वारा Deepak Kumar Tiwari तलाश - गुम हुए पति की - 1 द्वारा Kishanlal Sharma सच्चाई का रक्षक - 1 द्वारा Veena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी