आदिराज और शोभराज दो भाई हैं जो रणवीर की जमीन हड़पने की योजना बना रहे हैं। आदिराज जब घर आता है, तो वह अपने भाई शोभराज को बताता है कि जो काम उन्होंने बहुत मेहनत से किया था, वह अचानक आसान हो गया है। हालांकि, शोभराज चिंतित है कि रणवीर को पैसे देने के बाद उसकी जमीन लेना इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि रणवीर ठीक होते ही पैसे वापस कर सकता है। आदिराज शोभराज से पूछता है कि क्या कोई और योजना है जिससे वे रणवीर की जमीन हड़प सकें। शोभराज एक खतरनाक योजना सुझाता है जिसमें रणवीर को मारने का सुझाव दिया जाता है, ताकि उनका काम आसान हो जाए। यह एक भयानक मोड़ है, जहां दोनों भाई अपने स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। कहानी में भाईयों के बीच की बातचीत उनकी नकारात्मक मंशा और योजनाओं को उजागर करती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे किसी भी तरीके से अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं। मम्मटिया - 2 Dharm द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 11.2k 3.9k Downloads 12.7k Views Writen by Dharm Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मम्मटिया उपन्यास एक ऐसी स्त्री की कहानी है जो अपने जीवन में आयी तमाम मुश्किलों को झेलते हुये आगे चलती चली जाती है। एक अकेली स्त्री और सामने खडी पहाड सी मुश्किलें। साथ में अगर वो विधवा हो तो उसके लिये जिन्दगी और ज्यादा कठिन हो जाती है। एक महिला कमला जो आगे बढकर अपने आप और अपने बच्चों को सुखी देखना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ उसे दुख देकर पीछे धकेलने वाले लोग लगातार उसको हानि पहुंचाये जाते है। लेकिन वो स़्त्री इतनी जल्दी हार मानना नही चाहती । वो पहले ही अपनी जिन्दगी में बहुत कुछ खो चुकी है। अब उसे मुश्किलों से लडने का अभ्यास सा हो गया है। फिर वो क्योंकर पीछे हट जाये आखिर ये उसकी और उसके बच्चों की जिन्दगी का सवाल है। Novels मम्मटिया मम्मटिया उपन्यास एक ऐसी स्त्री की कहानी है जो अपने जीवन में आयी तमाम मुश्किलों को झेलते हुये आगे चलती चली जाती है। एक अकेली स्त्री और सामने खडी पहाड स... More Likes This यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai In to the unknown द्वारा Parakshtha यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी