यह कहानी एक व्यक्ति की भावनाओं और यादों को व्यक्त करती है, जो अपनी प्रेरणा, वैदेही, को याद करते हुए लिखता है। वह बताता है कि जब भी वह लिखने बैठता है, वैदेही का ख्याल उसके मन में आ जाता है और उसकी यादें उसे प्रेरित करती हैं। वह उसे अपनी लेखनी का स्रोत मानता है और महसूस करता है कि उसके शब्द उसकी इबादत करते हैं। वह चाँद की मिसाल देते हुए कहता है कि जैसे चाँद रात की बाहों में रहना चाहता है, वैसे ही वह वैदेही को अपने बाहों में लेना चाहता है, लेकिन समय की कमी उसे ऐसा करने से रोकती है। उसकी यादें उसे अकेलेपन से बचाती हैं और उसकी मंजिल की ओर मार्गदर्शन करती हैं। कहानी में एक भावनात्मक टकराव भी है, जहाँ वह प्यार और नफरत दोनों का अनुभव करता है, जब वैदेही उसे छोड़ने आती है। वह उसकी यादों को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है और अंत में कहता है कि उसकी यादें ही उसे आगे बढ़ाती हैं। वैदेही Brajesh Prasad द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 4k 1.9k Downloads 9.8k Views Writen by Brajesh Prasad Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नीरव के इंतज़ार में वैदेही का इंतज़ार और लम्बा हो चला था....क्या इंतज़ार ही थी वैदेही के किस्मत में ....या अब ये खत्म होने को था.....पढ़िए वैदेही के इंतज़ार की कहानी.....वैदेही के पहले भाग में..... More Likes This प्रेम न हाट बिकाय - भाग 1 द्वारा Pranava Bharti Maharana Pratap - Introduction द्वारा Aarushi Singh Rajput मेरा प्यार - 1 द्वारा mamta सदियों से तुम मेरी - 2 द्वारा Pooja Singh मशीन का दिल - 1 द्वारा shishi ब्रिंदा - एक खूबसूरत एहसास - 1 द्वारा jay panchal मैं दादा-दादी की लाड़ली - 2 द्वारा sapna अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी