कहानी "संग्राम" में प्रेमचंद ने एक ग्रामीण जीवन की छवि प्रस्तुत की है। कहानी का पहला दृश्य सुबह का है, जब सूर्य की किरणें खेतों और वृक्षों पर पड़ रही हैं। हलधर और उसकी पत्नी राजेश्वरी बातचीत कर रहे हैं। हलधर खेतों की उपज के बारे में आशावादी है और राजेश्वरी उसकी मेहनत की सराहना करती है। राजेश्वरी गाय पालने की इच्छा व्यक्त करती है, जबकि हलधर पहले उसके लिए कंगन बनवाने की बात करता है। दोनों के बीच यह चर्चा होती है कि कैसे ग्रामीण समाज में नए गहनों की अहमियत होती है। राजेश्वरी अपने सास-ससुर की याद करती है और कहती है कि उसे अपने घर में ही रहना पसंद है। कहानी में हलधर तोतों को गुलेल से मारने की कोशिश करता है, लेकिन राजेश्वरी उसे समझाती है कि उसे किसी भी पशु या पक्षी को मारने का कोई अधिकार नहीं है। वह अपने दादा की यादों का जिक्र करती है, जिन्होंने कभी बैल को मारने का वचन दिया था। अंततः, हलधर यह प्रण करता है कि वह कभी किसी जानवर को नहीं मारेगा। इस प्रकार, कहानी में प्रेम, जीवन की साधारणताएँ, और पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया है। संग्राम अंक 1 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 20.5k 6.6k Downloads 14.6k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अमरकथा शिल्पी मुंशी प्रेमचंद ने इस नाटक में किसानों के संघर्ष का बहुत ही सजीव चित्रण किया है। इस नाटक में लेखक ने पाठकों का ध्यान किसान की उन कुरीतियों और फिजूल-खर्चियों की ओर भी दिलाने की कोशिश की है जिसके कारण वह सदा कर्जे के बोझ से दबा रहता है। और जमींदार और साहूकार से लिए गए कर्जे का सूद चुकाने के लिए उसे अपनी फसल मजबूर होकर औने-पौने बेचनी पड़ती है। मुंशी प्रेमचन्द्र द्वारा आज की सामाजिक कुरीतियों पर एक करारी चोट ! संग्राम मुंशी प्रेमचंदलिखित अनन्य नाट्यकृति है सात दृश्य संजोए हुए पहला संग्राम नाटक का खंड पाठक व् भावक को किसानो के संघर्ष से रूबरू करवाता है Novels संग्राम अमरकथा शिल्पी मुंशी प्रेमचंद ने इस नाटक में किसानों के संघर्ष का बहुत ही सजीव चित्रण किया है। इस नाटक में लेखक ने पाठकों का ध्यान किसान की उन कुरीतियो... More Likes This Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी